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नहीं मिल सकी 45 गांवों के मजदूरों की दिहाड़ी

Fri, 19 Aug 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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 विकास खंड कौशाम्बी के मनरेगा मजदूरों को गाइड लाइन के मुताबिक मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा। काम करने के बाद जॉब कार्ड धारक मजदूरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में काम करने वाले 156 मजदूरों का लाखों रुपया भुगतान नहीं हो सका है। इसे लेकर मजदूरों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।
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मनरेगा में मजदूरी करने वाले जॉब कार्ड धारकों के खाते में काम पूरा होने के एक माह के भीतर दिहाड़ी की रकम पहुंच जानी चाहिए लेकिन कौशाम्बी ब्लॉक में एपीओ की मनमानी के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है। एपीओ पंकज कुमार की मनमानी के चलते मनरेगा मजदूरों को मेहनत की मजदूरी पाने के लिए महीनों भटकना पड़ता है। बानगी के तौर पर चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा से हुए कार्यों को लिया जा सकता है। आंकड़ों पर जाएं तो विकास खंड के उरई अशरफपुर, मढ़ी, कोषम खिराज, बारा समेत 45 ग्राम सभाओं के 156 मजदूरों ने अपनी-अपनी ग्राम सभाओं में मई और जून के महीने में काम किया।

काम होने के बाद ग्राम प्रधान और पंचायत मित्र ने सभी का मस्टर रोल फीड कराने के लिए एपीओ को मुहैया कराया। फीडिंग का काम समय पर न होने से मजदूरों का 48 लाख रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। मजदूरी का भुगतान पाने के लिए मजदूर पंचायत मित्र, ग्राम प्रधान और बैंक का चक्कर काट रहे हैं। उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ हाथ लगता नहीं दिख रहा है।
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भुगतान न होने से फीका रहा रक्षा बंधन का पर्व
 कौशाम्बी ब्लॉक के 45 गांवों में मनरेगा मजदूरों का त्योहार भुगतान न होने से फीका बीत रहा है। नागपंचमी, अषाढ़ी के बाद बृहस्पतिवार को रक्षा बंधन का पर्व भी मजदूरी न मिलने से फीका रहा। मजदूरों ने धनाभाव में किसी तरह पर्व का कोरम पूरा किया। यदि जल्द मजदूरी का भुगतान नहीं कराया जाता तो आगामी दिनों में आने वाले पर्व भी मायूसी के दौर में बीतेंगे। पर्व के मौके पर धनाभाव रहने पर मजदूर
एपीओ को कोसते नजर आए।

भुगतान न होने से ग्राम प्रधानों में नाराजगी
 चालू वित्तीय वर्ष में मई और जून में मनरेगा में काम करने वाले 45 गांवों के मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है। भुगतान कराने के लिए उरई अशरफपुर ग्राम प्रधान हरीनारायन द्विवेदी, मढ़ी के अशोक मिश्र, कोषम खिराज के अशोक गौतम और बारा के नंदन यादव सहित कई गांवों के ग्राम प्रधान ब्लॉक का चक्कर काट रहे हैं।

इन ग्राम प्रधानों की माने तो एपीओ ने मस्टर रोल फीडिंग में मनमानी की है। फीडिंग का काम देर से होने के कारण भुगतान अटका हुआ है। इसकी शिकायत बीडीओ कमलेश कुमार से की गई थी। उन्होंने फीडिंग तो करवा दिया पर भुगतान के लिए कोई कोशिश नहीं की जा रही है। इसे लेकर संबंधित ग्राम प्रधानों में बीडीओ और एपीओ के प्रति नाराजगी है।

चालू वित्तीय वर्ष की मनरेगा मजदूरी भुगतान करने में धनराशि का अड़ंगा था। जुलाई महीने में शासन से धनराशि मिली है। मजदूरों का भुगतान कराया जा रहा है। जिनका भुगतान शेष है उसे जल्द करा दिया जाएगा।
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कमलेश कुमार, बीडीओ कौशाम्बी
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