मौसम की खराबी की वजह से ट्रेनों को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। हाल यह है कि सोमवार की शाम आने वाली महाबोधी एक्सप्रेस मंगलवार की दोपहर में भरवारी पहुंची। इस ट्रेन ने करीब 18 घंटे यात्रियों को इंतजार कराया।
प्रयागराज से कानपुर की ओर जाने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस ट्रेन को सुबह नौ बजे आना था, लेकिन यह लगभग डेढ़ घंटे देरी से 10.33 बजे भरवारी रेलवे स्टेशन पहुंची। सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के सुबह 9.55 बजे आने का समय है, जबकि यह दोपहर 1.29 बजे आई।
महाबोधी एक्सप्रेस को सोमवार की शाम 8.08 बजे भरवानी आना था, लेकिन यह दूसरे दिन मंगलवार की दोपहर 2.04 बजे स्टेशन पहुंची। कानपुर से प्रयागराज की ओर जाने वाली ट्रेनों का भी यही हाल रहा।
संगम एक्सप्रेस को सुबह 6.45 बजे भरवारी पहुंचना चाहिए, लेकिन यह दोपहर 1.46 बजे आई। सोमवार की रात महाबोधी एक्सप्रेस को 7.34 बजे आना था, लेकिन यह मंगलवार की शाम 5.40 बजे स्टेशन पहुंची।
पूरी रात ट्रेन की लोकेशन देखते रहे यात्री
बिसारा निवासी अरुण कुमार ने बताया कि एक जरूरी काम से कानपुर जाना था। सुबह 10 बजे सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस से जाना था। एक घंटे इंतजार किया।
फिर भी ट्रेन नहीं आई तो बस से जाना पड़ा। भरवारी के रहने वाले विकास केसरवानी ने बताया कि एक शादी में शामिल होने के लिए परिवार के साथ दिल्ली जाना था। सोमवार की शाम महाबोधी एक्सप्रेस ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन वह मंगलवार को आई।
पूरी रात मोबाइल पर ट्रेन की लोकेशन देखते हुए ही बीती। कमोवेश यही हाल अन्य यात्रियों का भी रहा। लोग घर और प्लेटफॉर्म पर बैठकर ट्रेनों की लोकेशन ही देखते रहे।