जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान पर फिलहाल विराम लग गया है। अध्यक्ष मधुपति का इस्तीफा शासन ने मंजूर कर लिया है। अब छह माह के भीतर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया जाएगा। इस्तीफा मंजूर होने के बाद जिला पंचायत की बागडोर डीएम के हाथ में चली गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष मधुपति के खिलाफ वार्ड नंबर 20 की जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव डीएम को सौंपा था। 18 सदस्यों की परेड कराने के बाद डीएम ने नौ मई को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक कराने की तारीख घोषित कर दी थी। इससे मधुपति के समर्थकों की नींद उड़ गई थी। जिला पंचायत सदस्यों से भी उनका संपर्क नहीं हो पा रहा था। हलफनामा देने वाले सभी सदस्य अनामिका सिंह के खेमे से थे। वे अनामिका सिंह के पक्ष में पूरी तरह से लामबंद थे। माहौल अपने विपरीत देख मधुपति ने शुक्रवार को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। मधुपति के इस्तीफा देने से अनामिका सिंह को तगड़ा झटका लगा था। सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने उनका इस्तीफा शासन को भेज दिया था।
सोमवार देर शाम मधुपति का इस्तीफा स्वीकार हो गया। इसकी जानकारी डीएम को दी गई तो उन्होंने सीडीओ को बुलवाया। इस्तीफा स्वीकार होते ही डीएम ने जिला पंचायत की बागडोर अपने हाथ में ली है। शाम करीब छह बजे तक इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ था। इस पर सीडीओ ने अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाने की तैयारी शुरू कर दी थी। इस्तीफा स्वीकार होने पर अब अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। सीडीओ ने बताया कि छह माह के भीतर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया जाएगा। ऐन वक्त पर इस्तीफा स्वीकार होने से अनामिका सिंह के समर्थकों में मायूसी है।