नवरात्र में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं को नजदीकी तालाबों और छोटी नदियों पर बने चेकडैम में विसर्जित कराया जाएगा। किस गांव और कस्बे की मूर्ति का विसर्जन कहां होगा। इसका रूट चार्ट पुलिस ने तैयार कर लिया है। दशमी को 90 फीसदी पूजा पंडालों की मूर्तियां विसर्जित की जाएंगी। इसके लेकर पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है।
दोआबा में नवरात्र के मौके पर गांवों और कस्बों में कुल 730 पूजा पंडालों में मूर्तियों की स्थापना की गई है। इनमें 90 फीसदी मूर्तियों का विसर्जन भक्तों द्वारा दशमी तिथि को किया जाता है। इस बार दशमी तिथि मंगलवार हो है। मूर्ति विसर्जन में एक दिन शेष रह जाने को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने तैयारी पूरी कर ली है। पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र के निर्देश पर जिले भर के थानेदारों में गांवों और कस्बों में स्थापित मां दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन और उन्हें ले जाने के रूट चार्ट को तैयार कर लिया है।
मूर्तियों को भक्त निर्धारित रूट चार्ट के मुताबिक ही ले जाकर निर्धारित तालाबों, चेकडैम, नहर के पानी में विसर्जित करेंगे। पुलिस विभाग की रिपोर्ट पर जाएं तो जिले भर में कुल 29 स्थानों को मूर्ति विसर्जन के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें ससुरखदेरी और किलनहाई नदी में बने चेकडैम के अलावा गांवों के साफ-सुथरे तालाब और नहरें शामिल हैं।
ऊबड़-खाबड़ रास्तों में होगी फजीहत
मूर्ति विसर्जन कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने तालाब, चेकडैम और नहरों का चयन कर लिया है। इन स्थानों को जाने वाले रास्तों की दशा पर ध्यान नहीं दिया गया। ऊबड़-खाबड़ रास्तों में मूर्ति को विसर्जन के लिए ले जाते समय भक्तों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इलाकाई पुलिस द्वारा मूर्ति विसर्जन स्थल निर्धारण की सूचना मिलने के बाद जब पूजा पंडाल बनाने वालों को रास्ते की जानकारी हुई तो उनके माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी।
मूर्ति विसर्जन कराने की तैयारी पूरी है। प्रत्येक विसर्जन जुलूस के साथ पर्याप्त फोर्स रहेगी। मूर्तियों का विसर्जन कहां होना है, क्षेत्रवार इसका निर्धारण करा दिया गया है। विसर्जन को लेकर कहीं कोई समस्या नहीं है।
वीके मिश्र, एसपी कौशाम्बी