जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविर में लोगों को संबोधित करते मुख्य वक्ता। स्रोत: प्रशासन
आमजन को सुलभ, त्वरित और निशुल्क न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लोगों को न्यायिक सुविधाओं और लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण निस्तारण के उपायों की जानकारी दी गई। बताया गया कि लोक अदालत से त्वरित न्याय मिलेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रिया सिंह ने उपस्थित लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता और लोक अदालतों के माध्यम से विवादों का निस्तारण कम समय और कम खर्च में संभव है।
मध्यस्थ अजय कुमार पांडेय ने बताया कि लोक अदालतों में पारित निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होते हैं तथा इनके विरुद्ध सामान्यत: अपील का प्रावधान नहीं होता। बताया गया कि जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का समाधान इनके माध्यम से प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
पीएलवी कृष्ण चंद्र चौधरी ने एडीआर तंत्र के अंतर्गत मध्यस्थता, सुलह और लोक अदालत जैसी व्यवस्थाओं के लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम में चायल एसडीएम अरुण कुमार, तहसीलदार संजय दुबे, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।