सैनी क्षेत्र के लोहंदा कांड में सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने ग्राम प्रधान भूप नारायण पाल, उसके पिता जगत नारायण और सहयोगी धर्मेंद्र पाल के घर कुर्की की मुनादी कराई गई। कोर्ट ने सभी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। 30 अक्तूबर को कोर्ट ने तीनों आरोपियों की कुर्की की उद्घोषणा का आदेश दिया था। मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर तय की गई है।
बीते मई में लोहंदा गांव प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गया था। आरोप है कि ग्राम प्रधान भूप नारायण पाल ने अपने पिता, भाई और सहयोगियों के साथ मिलकर विरोधी पक्ष के व्यक्ति को फंसाने के लिए अपनी आठ वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। इस घटना से व्यथित होकर आरोपी के पिता रामबाबू तिवारी ने सैनी थाने के बाहर जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के अगले दिन आक्रोशित ग्रामीणों ने कानपुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया था, जिसे हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।
मामला इतना तूल पकड़ा था कि उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक को हस्तक्षेप करना पड़ा था। वहीं जांच के दौरान दुष्कर्म के आरोप झूठे पाए जाने के बाद कथित आरोपी को जेल से रिहा कर दिया गया था। एडीजी संजय गुप्ता ने मामले की जांच प्रतापगढ़ एसआईटी को सौंपी थी।
पिछले महीने एसआईटी ने सीजेएम कोर्ट में ग्राम प्रधान भूप नारायण पाल, उसके पिता जगत नारायण, भाई विपिन पाल, कथित पीड़िता के पिता और प्रधान के सहयोगी धर्मेंद्र पाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
सैनी थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मुकदमे के अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। सोमवार को प्रधान भूप नारायण, उसके पिता जगत नारायण और धर्मेंद्र पाल के घर कुर्की की मुनादी कराई गई। यदि अब भी आरोपी आत्मसमर्पण नहीं करते, तो जल्द ही उनकी संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी।
लोहंदा कांड के सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई है। आरोपियों के खिलाफ कुर्की की नोटिस जारी करने की तैयारी है। गांव में मुनादी कराई गई है। - राजेश कुमार, एसपी