दोआबा में भी आ सकती हैं टिड्डियां
कीटनाशक क्लोरोपारीफास एवं लिंडा का टिड्डियों पर प्रेशर से छिड़काव की सलाह
बचाव के लिए डीएम ने एडवाइजरी जारी करने के साथ ही गठित किया आपदा राहत दल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। टिड्डी दल राजस्थान से होते हुए झांसी, ललितपुर, जालौन, मथुरा जनपदों में पहुंच गया है। आगामी दिनों में इस दल के जिले में भी आगमन की संभावना है। इससे खेतों में खड़ी हरी-भरी फसलों का नुकसान पहुंच सकता है। जिला प्रशासन ने इससे बचाव के लिए एडवाइजरी जारी करने के साथ ही सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय आपदा राहत दल का गठन कर दिया है।
जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार गौतम ने बताया कि यह कीट लगभग 2 से 3 इंच लंबे होते हैं और झुंड बनाकर चलते हैं। 200 से 500 मीटर लंबाई और लगभग इतनी ही चौड़ाई के साथ पट्टीनुमा आकार बना हुआ इन्हें उड़ते समय देखा जा सकता है। ये दिन में उड़ान भरते हैं और शाम करीब सात बजे के बाद पूरे दल के साथ किसी हरे भरे खेत में विश्राम करते हैं। यह दल जिस खेत अथवा फसल पर रात विश्राम करता है उस फसल की सभी हरी पत्तियों को खा जाता है। इससे फसल पूरी तरह नष्ट हो जाती है। इनका प्रकोप पिछले दिनों कई जनपदों में देखा गया है। ऐेसे में आने वाले दिनों में दोआबा में भी इनके आक्रमण की संभावना है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने किसानों को सलाह देते हुए कहा है कि टिड्डी दल के आक्रमण के समय अपने खेतों में आग जलाकर, पटाखे फोड़कर, ढोल नगाड़े अथवा थाली बजाएं। क्योकि जोर की आवाज से टिड्डी दल उनके खेतों में बैठ नहीं पाएंगे और इसके अतिरिक्त यदि संभव हो तो खेत की सिंचाई भी कर दें। इन उपायों के अलावा कीटनाशक जैसे क्लोरोपारीफास एवं लिंडा इत्यादि का टिड्डी दल पर प्रेशर के साथ छिड़काव करें। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल शाम सात बजे से प्रात: सात बजे तक खेत अथवा जमीन पर बैठे रहते हैं। इसी समय इनके ऊपर कीटनाशक का छिड़काव कर इनको मारा जा सकता है। जिन क्षेत्रों में टिड्डी दल का प्रकोप नजर आए उन क्षेत्रों में इन उपायों को अपनाएं। साथ ही जिला कृषि रक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 9455213794 पर सूचना दें।