मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र का दिखाता पीड़ित युवक वरूण कुमार। संवाद
मंझनपुर। पीएमएफएमई (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना) से 10 लाख रुपये के लिए आवेदन करने वाला युवक स्वयं को ठगा महसूस कर रहा है। उसके खाते में लोन की धनराशि नहीं पहुंची। जबकि, पोर्टल पर उसके नाम से लोन स्वीकृत बता रहा है। आवेदन के करीब तीन माह बाद जानकारी होने पर अब पीड़ित अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। उसने मुख्यमंत्री समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कराने और लोन दिलाने की मांग की है।
सिराथू तहसील के समशाबाद निवासी वरुण कुमार ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधक यहीं कहते कि तुम बड़े आदमी हो तुमको लोन की क्या जरूरत है। कभी कहते काम शुरू करों प्रगति देखकर लोन मिल जाएगा। आरोप है कि बीच एक युवक ने उससे सब्सिडी का 35 फीसद मांगा। उसने रुपये नहीं दिया तो उसका लोन स्वीकृत नहीं हुआ। जिला उद्यान अधिकारी अवधेश मिश्रा ने बताया कि वरुण नाम के दो लोगों से लोन स्वीकृत हुआ था। दोनों को ही धनराशि नहीं भेजी गई। विभाग से सब्सिडी भी किसी को नहीं गई है। आरोप निराधार है। बैंक ने भी लिखकर भेजा है कि यह केवल पोर्टल पर ही प्रदर्शित हो रहा है।