नेवादा। शांति और अहिंसा का संदेश देने वाले भगवान महावीर स्वामी का बृहस्पतिवार को 2614वां जन्मोत्सव कौशाम्बी में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान जैन मंदिर सरायअकिल में महामस्तिष्काभिषेक हुआ। शांतिदूत का संदेश जियो और जीने दो का संदेश लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भारी संख्या में धर्मावलंबी और अन्य लोग शामिल रहे।
कौशाम्बी की धरा जैनधर्म प्रवर्तकों से जुड़ी रही है। यहां का प्रभाषगिरि स्थान जैनधर्म के छठें तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभ की जन्मस्थली भी है। साथ ही जैनधर्म के प्रवर्तन भगवान महावीर स्वामी भी यहां आकर अपना संदेश दे चुके हैं। इन्हीं भगवान महावीर स्वामी का बृहस्पतिवार को 2614वां जन्म दिवस था। इसे जैन धर्मावंलबियों ने धूमधाम से मनाया। जैनमंदिर सरायअकिल में जन्मोत्सव पर विशेष आयोजन किए गए। मंदिर में भगवान का महामस्तिष्काभिषेक हुआ। पूजन, पालना के साथ ही बैंडबाजे, घोड़े, हाथी के साथ भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई।
भगवान के संदेश जियो और जीने दो का संदेश लेकर जैनमंदिर से निकाली गई यह शोभायात्रा रामलीला मैदान, चावल मंडी, सब्जीमंडी, फकीराबाद, पटेल चौराहे होते हुए जैनमंदिर आकर समाप्त हुई। इसमें हजारों की संख्या में नर-नारी बच्चे भगवान महावीर स्वामी का जयघोष करते हुए झूमते रहे। वहीं शोभायात्रा के बाद लंगर का भी आयोजन किया गया। जिसमें हजारों लोगों ने भगवान के संदेश को आत्मसात करते हुए प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर अनिल कुमार जैन, धर्मचंद्र जैन, जगदीश प्रसाद जैन, नरेशचंद्र जैन, अरहंत जैन, करमचंद्र जैन, कैलाशचंद्र जैन, हरिश्चंद्र जैन, सुषमा जैन, सावित्री जैन के अलावा गोपालजी केसरवानी, कृष्णा केसरवानी, रवींद्र जायसवाल, कल्लू जायसवाल, राकेश केसरवानी, सुनील सोनी, मनोज रस्तोगी आदि शामिल रहे।