मंझनपुर। अपर जिला जज सत्यम शिरीन जैदी की कोर्ट ने आठ साल पहले एक युवक की हत्या कर शव गड्ढे में दफन करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 55 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है।
पश्चिमशरीरा कोतवाली इलाके के पूरबशरीरा निवासी रामसंवारे ने 20 जुलाई 2015 को पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसका बेटा राधेश्याम उर्फ धन्नू घर से गायब हो गया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू की। तीन दिन बाद राधेश्याम का शव गांव के मनोज गर्ग के खेत के बगल गड्ढे में मिला। शव मिट्टी से दबाया गया था। छानबीन के दौरान पता चला कि हत्या गांव के राजेश उर्फ साधू ने की थी।
राजेश ने बेटे की हत्या करने की पहले धमकी दी थी। पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर उसके घर से खून के छींटे लगे कपड़े बरामद किए। विवेचना के बाद पुलिस ने राजेश के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने 11 गवाह प्रस्तुत कर दोषी को सख्त सजा दिए जाने की मांग की। कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी राजेश को आजीवन कारावास व 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया है।