अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय आभा पाल की अदालत ने अपहरण व हत्या के 17 साल पुराने मामले की बृहस्पतिवार को सुनवाई की। कोर्ट ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मंझनपुर कोतवाली के कादीपुर निवासी शिक्षक लक्ष्मीनारायण पांडेय के इकलौते बेटे राघवेंद्र उर्फ राम पांडेय (15) को आम तोड़ने के बहाने पड़ोसी अश्विनी उर्फ आशु पांडेय 19 मई 2008 को घर से अपने साथ ले गया। इसके बाद किशोर की हत्या कर शव गांव के बाहर कुएं में फेंक दिया था।
खोजबीन के दौरान उसी रात शव कुएं से बरामद होने पर मृतक के पिता ने आरोपी अश्वनी के खिलाफ अपहरण व हत्या की तहरीर दी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमा अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय आभा पाल की अदालत में चला। राज्य के ओर से शासकीय अधिवक्ता ने 11 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।