Life imprisonment for murder of pregnant wife for dowry
दहेज के लिए गर्भवती पत्नी की हत्या के आरोपी को उम्रकैद
मंझनपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम कीर्ति कुणाल की अदालत ने मंगलवार को दहेज के लिए गर्भवती पत्नी की हत्या के आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 42 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला आते ही आरोपी को जेल भेज दिया गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक महेवाघाट इलाके के मवई गांव निवासी राजन सोनकर ने अपनी बहन रिंकी की शादी वर्ष 2014 में पश्चिमशरीरा के दानपुर में रहने वाले मनोज कुमार पुत्र स्व. मोतीलाल के साथ किया था। शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये की मांग करने लगे थे। असमर्थता जताने पर ससुराल वाले रिंकी को प्रताड़ित कर रहे थे। 21 अक्तूबर को राजन अपनी बहन को बुलाने दानपुुर गया था। ससुरालीजनों ने रिंकी को मायके भेजने के बजाय गाली-गलौच कर उसे भगा दिया था। इसके बाद रात में उसकी गर्भवती बहन की गला दबाकर हत्या करने के बाद जला दिया था। अगले दिन मृतका के भाई ने पश्चिमशरीरा थाने में पति, सास बेलपति, जेठ राजेश, राकेश और जेठानी सुनीता और रेशमा आदि के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम की अदालत में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनुरुद्ध कुमार ने आरोपियों को दोषी सिद्ध करने की वकालत की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों को देखने के बाद मंगलवार को कोर्ट ने पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 42 हजार का अर्थदंड भी लगाया। जबकि साक्ष्य के अभाव में अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया।