सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के बुआराम का पुरवा गांव में 21 साल पहले हुई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने तीन सगे भाइयों समेत पांच लोगों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 28-28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सहायक लोक अभियोजक अनिरुद्ध कुमार मिश्र के अनुसार, सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के बुआराम का पुरवा मजरा बसुहार में 30 दिसंबर 2001 को दो पक्षों के बीच रास्ते को लेकर विवाद हुआ था। मामले की जानकारी होने के बाद राजस्व विभाग की टीम पैमाइश करने गई थी।
टीम के लौटने के बाद अपराह्न करीब तीन बजे दोनों पक्ष फिर आमने-सामने हो गए। फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान गोली लगने से अखिलेश द्विवेदी पुत्र हीरालाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर गांव के ही चक्रधर व उसके भाई लक्ष्मीधर और छोटेलाल, लक्ष्मी के बेटे मनोज व एक नाबालिग तथा छोटेलाल के बेटे अनिल समेत छह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। एक आरोपी के नाबालिग होने पर उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। मुकदमे के पांच आरोपियों का विचारण एडीजे फर्स्ट शिवानंद सिंह की अदालत में किया गया। यहां राज्य सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार मिश्र ने वादी मुकदमा समेत आठ लोगों की अदालत में गवाही कराई। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सोमवार को अदालत ने पांचों लोगों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद अदालत में मौजूद कोर्ट मुहर्रिर राम बहादुर ने पांचों दोषियों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया।