जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत ने शुक्रवार को 13 वर्ष पुराने हत्या के एक मामले में अहम फैसला सुनाया। अदालत ने अगवा कर बालक की हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
महेवाघाट के अलवारा निवासी रामसुमेर त्रिपाठी का आठ वर्षीय बेटा विवेक उर्फ मन्नी 18 दिसंबर 2011 को अचानक गायब हो गया था। खोजबीन के बाद भी सुराग नहीं लगने पर पीड़ित पिता ने अगले दिन कोतवाली में बेटे की गुमशुदगी दर्ज करा दी।
इसी बीच 27 दिसंबर को पड़ोसी संतोष पटेल की छत पर बालक का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि विवेक की गला घोंटकर हत्या की गई है।
पीड़ित पिता रामसुमेर की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही रमेश त्रिपाठी व उसके दो नाबालिग बेटे और एक भतीजे समेत चार के खिलाफ अगवाकर विवेक की हत्या किए जाने का मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचनात्मक कार्रवाई के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा जनपद न्यायालय में चला।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने वादी समेत नौ लोगों की अदालत में गवाही कराई। दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को अदालत ने रमेश त्रिपाठी को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया। वहीं, तीनों नाबालिग आरोपियों का मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ