डीएम मधुसूदन हुल्गी ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में घोटाला करने के वाले कोसम इनाम के तत्कालीन लेखपाल कमलेश कुमार को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि प्रयागराज से पर्यटन स्थल कौशाम्बी जाने वाली फोरलेन सड़क निर्माण में कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।
अधिवक्ता इंद्रेश कुमार, अयोध्या प्रसाद तिवारी, किसान जयसिंह, पितंबर, अमृतलाल आदि ने तीन मई को मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी। आरोपी के खिलाफ विभाग ने जांच शुरू कर दी है। आरोप लगाया था कि जमीन को धारा 80 (अकृषि) कराकर लेखपाल ने करोड़ों का गबन किया। यह काम राजस्व, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों से सांठगांठ कर हुआ।
इस पर डीएम ने टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। लेकिन जांच टीम ने 22 मई को आरोपी लेखपाल को टीम में शामिल किया गया तो लोग विरोध करने लगे। डीएम ने दोबारा जांच टीम गठित की। टीम में शामिल तहसीलदार मंझनपुर सिद्धांत कुमार, नायब तहसीलदार ओम प्रकाश सिंह, राजस्व निरीक्षक बसंत लाल गुप्ता, अंसार अहमद, लेखपाल कुलजीत सिंह, लेखपाल सुल्तान अहमद ने दोबारा 10 जून को मौका मुआयना किया।
किसानों की जमीनों की नापजोख की गई और शिकायतकर्ताओं के बयान भी दर्ज किए गए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कोसम इनाम की दो दर्जन से अधिक जमीनों को तत्कालीन लेखपाल कमलेश कुमार ने वर्ष 2022 में अकृषि के रूप में परिवर्तित की और फोरलेन सड़क के लिए अधिग्रहण कराया है। जबकि फोरलेन की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति का आदेश अगस्त 2021 में ही जारी हो गया था। अधिग्रहण क्षेत्र में आने वाली जमीनों की साल 2022 में कराई गई धारा 80 अवैध है।
इनसेट
सड़क गुजरी ही नहीं, दिला दिया मुआवजा
आरोप है कि जिस भूमि से रोड गुजरी ही नहीं, उसे भी अकृषि श्रेणी में कराकर लाभ पहुंचाया गया है। जिन किसानों की जमीन वास्तव में गई है, उन्हें मुआवजे से वंचित कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि सही ढंग से जांच हुई तो राजस्व विभाग व लोक निर्माण विभाग के कई बड़े कर्मचारी व अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
डीएम बोले
किसानों को मुआवजा देने में लेखपाल ने गलत तरीके से लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। जांच में हकीकत उजागर होने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। लेखपाल पर विभागीय कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा जाएगा। इसके साथ ही जिन लोगों को गलत तरीके से मुआवजा मिला है। उनसे रिकवरी होगी। - मधुसूदन हुल्गी, डीएम