कागजी कार्रवाई करके भले ही मेडिकल के छात्रों को पढ़ाई के सपने दिखाए गए थे, लेकिन हकीकत में आधी-अधूरी तैयारियों की वजह से यह बिखरता नजर आ रहा है।
बजट के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से निर्माण कार्य में लापरवाही की वजह से भवन ही नहीं तैयार हो सका। ऐसे में फिलहाल इस वर्ष कौशाम्बी में ही रहकर मेडिकल की पढ़ाई का अवसर छात्रों को नहीं मिल पाएगा। जुलाई के अंत तक नए सत्र के शुरुआत की संभावना व्यक्त की जा रही थी, लेकिन ऐसा दिख नहीं रहा है।
वर्ष 2020-21 में जिला मुख्यालय से तीन किमी दूर कादीपुर में मेडिकल कॉलेज बनाने की मंजूरी मिली थी। इसके लिए पांच सौ करोड़ का बजट आवंटित किया गया। जून में कार्यदायी संस्था को कॉलेज व हॉस्टल को पूरी तरह से तैयार कर हैंडओवर करना था। इसके बावजूद अभी तक सिर्फ प्रशासनिक भवन का ही 90 फीसदी तक निर्माण हो सका है।
जुलाई में नव प्रवेशी छात्रों की कक्षाएं संचालित करने की संभावना व्यक्त की जा रही है, लेकिन काम की रफ्तार देख ऐसा लगता नहीं। कागजों पर मेडिकल कॉलेज का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है, लेकिन अभी तक यहां एक भी प्रोफेसर स्तर के वरिष्ठ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई। मेडिकल कॉलेज के लिए मिले 36 जूनियर चिकित्सकों को जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों के साथ ओपीडी में बैठाया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में नव प्रवेशी छात्रों का दाखिला जून से करने का दावा किया गया था। अब जुलाई के आखिरी सप्ताह से प्रवेश की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि अगर प्रवेश करा भी लिया गया तो कक्षाएं कहां संचालित होंगी। नव प्रवेशी छात्र ठहरेंगे कहां? फिलहाल कहा जा रहा है कि प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वालों की कक्षाओं का संचालन जुलाई के बाद से किया जा सकता है। संवाद
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक से लेकर कई मंत्रियों ने कादीपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। साथ ही कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय में काम पूरा करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके निर्माण कर रही संस्था काम में तेजी नहीं ला सकी। ऐसे में फिलहाल इस साल भी कॉलेज संचालित होने की उम्मीद नहीं है।
मेडिकल कॉलेज का निर्माण कर रही संस्था ने शासन से काम पूरा करने के लिए कुछ और मोहलत मांगी है। एक अप्रैल से जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज को समाहित कर दिया गया है। उम्मीद है कि प्रथम वर्ष के छात्रों की कक्षाओं का संचालन जल्द शुरू होगा।
डॉ.एसके शुक्ला, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज/सीएमएस