जिला न्यायालय परिसर में धरने पर बैठे अधिवक्ता। संवाद
जिला कचहरी में तैनात एक न्यायिक अफसर के पक्ष व विपक्ष में अधिवक्ता दो गुटों में बंटे नजर आए। मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने जिला जज से वार्ता कर हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया वहीं पूर्व महामंत्री की अगुवाई में पहुंचे युवा अधिवक्ताओं ने हड़ताल पर रहकर न्यायिक कार्य का विरोध किया। हड़ताल आगे रहेगी या नहीं? इसका निर्णय बुधवार को संगठन के बीच विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा।
करीब एक सप्ताह से जिले के एक न्यायिक अफसर की कार्यशैली से नाराज अधिवक्ता मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल पर थे। मंगलवार को कचहरी के अधिवक्ताओं ने फिर से काम शुरू कर दिया। इसे लेकर तमाम अधिवक्ताओं ने संगठन के पूर्व महामंत्री तुषार तिवारी मोनू की अगुवाई में न्यायिक कार्य का विरोध करते हुए हड़ताल का समर्थन किया। इसे लेकर अधिवक्ताओं ने नारेबाजी भी की।
इनका कहना है
दो दिन पहले जिला जज से मुलाकात की गई थी। उन्होंने वादकारी हित में हड़ताल वापस लेने को कहा। साथ ही कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसी को लेकर अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से कार्य पर रहने का निर्णय लिया है। कई वकीलों ने मंगलवार को इसका विरोध भी किया।
लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, महामंत्री, मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन
जिन बातों को लेकर हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया गया था, उनके पूरा हुए बिना ही कामकाज शुरू कर दिया गया। इसी बात का विरोध है। बुधवार को साथी अधिवक्ताओं से विचार विमर्श के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
तुषार तिवारी मोनू, पूर्व महामंत्री, मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन