मंझनपुर। जर्जर बिजली की लाइनों के कारण मंझनपुर में बृहस्पतिवार को दिनभर बत्ती गुल रही। तार टूटने और लाइन में आए फाल्ट के कारण गुल रही बत्ती देर रात तक बहाल नहीं हो सकी थी। इसके कारण जिला मुख्यालय के लोगों को नववर्ष का पहला दिन और पहली रात बगैर बिजली के गुजारनी पड़ी।
जिला मुख्यालय मंझनपुर समेत कौशाम्बी की ज्यादातर बिजली की लाइन पुरानी और जर्जर हो चुकी है। इसके कारण अक्सर तार टूटकर गिरते रहते हैं। इससे जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी आए दिन पटरी से उतरी रहती है। बारिश के समय में तो ऐसी दिक्कत अक्सर लोगों को परेशान करती रहती है। बृहस्पतिवार को भी दिनभर हुई बारिश के दौरान मंझनपुर कस्बे में ही तीन स्थानों पर तार टूटकर गिरा। साथ ही लाइन में फाल्ट आने से दिनभर कस्बे की बत्ती गुल रही। इसके कारण दिन में जहां दुकानदार, व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इसके कारण नए साल की पहली ही शाम लोगों को घरेलू कामकाज ढिबरी, मोमबत्ती की रोशनी में निपटाने पड़े। क्योंकि बुधवार की रात भी कस्बे की बिजली बार-बार ट्रिप करती रही थी। वहीं सुबह से बत्ती गुल थी। इसके कारण लोगों के इनवर्टर भी जवाब दे गए थे। लाइन में आए फाल्ट को बिजली विभाग के कर्मचारी खबर लिखे जाने तक ठीक नहीं कर सके थे।
मामले में अवर अभियंता चंद्रशेखर ने बताया कि फाल्ट को ठीक कराया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि फाल्ट ठीक करके जल्द से जल्द कस्बे की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाए। बता दें कि जर्जर तार के टूटने के कारण आए दिन जिले में हादसे भी होते रहते हैं। अभी 30 दिसंबर को ही महेवाघाट में एचटी लाइन का तार टूटकर एलटी लाइन में गिर जाने से जहां मवई गांव के दर्जनभर लोगों के घरों की वायरिंग बिजली के उपकरण फुंक गए। वहीं करेंट की चपेट में आने से तीन लोग झुलस भी गए। इसी तरह से अगस्त महीने में तार टूटकर गिरने से कौशाम्बी के ढोकसहा गांव की अर्पणा और उसके पति अशोक कुमार की जान भी चली गई। कस्बे में भी पिछले साल बिजली का तार टूटकर गिरने से कोचिंग से लौट रहे एक लड़के की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद भी बिजली विभाग के अफसर जर्जर बिजली के तार बदलने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।