सिराथू तहसील का जर्जर शौचालय। स्रोत- अधिवक्ता
- फोटो : ऊंचाहार के गोकना गंगा तट पर खस्ताहाल सड़क के विरोध में प्रदर्शन करते तीर्थपुरोहित व अन्य।
तहसील परिसर में महिला एवं पुरुष शौचालय की व्यवस्था न होने से महिला अधिवक्ताओं सहित वादकारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर सिराथू तहसील अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों और महिला अधिवक्ताओं ने स्थानीय प्रशासन व जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपकर शीघ्र स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
तहसील परिसर में प्रतिदिन लगभग 200 से 300 अधिवक्ता न्यायिक कार्य के लिए आते हैं। इनमें कई महिला अधिवक्ता भी शामिल हैं। इसके अलावा हजारों की संख्या में वादकारी और आमजन तहसील परिसर में प्रतिदिन आते-जाते हैं। लेकिन, यहां शौचालय की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बालेंद्र द्विवेदी ने बताया कि संघ ने उपजिलाधिकारी सिराथू और जिलाधिकारी को कई बार पत्र भेजकर अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकार मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए कई योजनाएं चला रही है लेकिन तहसील परिसर में महिला शौचालय की व्यवस्था न होना उन योजनाओं की भावना के विपरीत है। वहीं महिला अधिवक्ता वैशाली श्रीवास्तव व अनुराधा मौर्या ने बताया कि यह बेहर शर्मनाक है कि जहां गांव-गांव शौचालय बन रहे हैं। वहीं तहसील में शौचालय की सुविधा नहीं है।