मंझनपुर। मातृ-बाल स्वास्थ्य संरक्षण अभियान की बुधवार को स्वास्थ्य तकनीकि सहयोग इकाई के अधिशासी निदेशक विकास गोठलवाल ने समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अस्पतालों में एंटीबायोटिक दवाओं की कमी पर नाराजगी जताई। वहीं उन्होंने डाटा अपडेट नहीं मिलने और कार्यशालाओं के आयोजन में कमी पर भी चिंता जाहिर की। सीएमओ को दवाओं की उपलब्धता, शत-प्रतिशत डाटा अपडेट कराने का निर्देश दिया।
कौशाम्बी में तीन महीने के लिए मातृ-बाल स्वास्थ्य संरक्षण अभियान चलाया गया था। बुधवार को कौशाम्बी आकर स्वास्थ्य विभाग के तकनीकि सहयोग इकाई के अधिशासी निदेशक ने इसकी समीक्षा की। अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. एमके सिन्हा से जिले में संचालित हुए कार्यक्रमों की जानकारी लेते हुए अधिशासी निदेशक ने जनपद के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटीबायोटिक दवाओं की कमी पर नाराजगी जताई।
कहा कि सभी अस्पतालों में एंटीबायोटिक मेडिसिन की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए। इसी तरह से उन्होंने परिवार कल्याण के कार्यक्रमों में प्राइवेट अस्पतालों की सहभागिता, कैंपों के आयोजन, आशाओं के शत-प्रतिशत भुगतान और सभी अभियान और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के डाटा की फीडिंग शत-प्रतिशत किए जाने का निर्देश सीएमओ को दिया। इस मौके पर सीडीओ बीएन मिश्रा, बीएसए अशोक कुमार सिंह यादव के साथ ही अन्य विभागों के भी अधिकारी मौजूद रहे।