डीएम ने जिले की नहरों में पानी छोड़े जाने का आदेश दिया था लेकिन मातहतों पर उनके आदेश का कोई असर नहीं पड़ा। किशनपुर पंप कैनाल समेत सभी नहरों में धूल उड़ रही है। इससे नहर के भरोसे खेतों में बोई गई फसलें अब सूखने लगी है। जिम्मेदार हैं कि उनके लिए डीएम का फरमान बेमतलब दिख रहा है।
अप्रैल माह की शुरुआत होते ही दोआबा में भीषण गर्मी और तपिश शुरू हो गई। औसतन कम बरसात होने के कारण तालाब और पोखरे पूरी तरह से सूख चुके है। गर्मी और सूखे तालाबाें को देख डीएम अखंड प्रताप सिंह, सीडीओ ओम प्रकाश आर्य ने एक्सईएन नहर, सिंचाई और राजकीय नलकूप विभाग को तालाबों में पानी भरवाने का निर्देश दिया था। डीएम, सीडीओ के आदेश के बाद भी विभागीय जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
दोआबा में किशनपुर पंप कैनाल, रामगंगा कमांड की माइनरों का जाल बिछा है लेकिन एक भी नहर में बूंद भर पानी नहीं है। इसके चलते तालाबों में पानी भरना तो दूर खेतों में बोई गई उड़द, मूंग, ईख व सब्जियों की खेती सूख रही है। हेमंत पांडेय पश्चिम शरीरा, अब्बास मिर्दहन का पूरा, ज्ञान सिंह डकशरीरा का आरोप है कि उन्होंने खेतों में फसल बो रखी है। किशनपुर पंप कैनाल पखवारे भर से बंद है। पानी के अभाव में उनकी फसलें मुरझा गई हैं। उधर तालाबों में पानी न होने से पशुपालकों का बुरा हाल है।