जिले के मरीजों के लिए राहत की खबर है। जिला अस्पताल परिसर में 18,81 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) अब अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने से किडनी, हृदय और लिवर के मरीजों को 24 घंटे विशेषज्ञों से उपचार मिलेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
अभी तक जिले में गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा सीमित थी। केवल ब्लड कंपोनेंट यूनिट और 10 आईसीयू बेड के सहारे इलाज किया जा रहा था, जिसके चलते गंभीर मरीजों को प्रयागराज या लखनऊ रेफर करना पड़ता था।
क्रिटिकल केयर यूनिट में किडनी, लिवर, हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक, गंभीर संक्रमण, गोलीकांड और सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों का उपचार आधुनिक सुविधाओं के साथ किया जाएगा। यूनिट में वेंटिलेटर, मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, आईसीयू बेड और आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे। इसके साथ ही 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सक, एनेस्थेटिस्ट और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की तैनाती होगी।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि सीसीयू के शुरू होने से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। हार्ट अटैक, सांस की गंभीर समस्या, सेप्सिस और जटिल ऑपरेशन के बाद मरीजों को बेहतर निगरानी में रखा जा सकेगा। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। संवाद
ब्लड कंपोनेंट यूनिट और 10 बेड के आईसीयू तक ही सीमित थी सुविधा
मेडिकल कॉलेज में अब तक गंभीर मरीजों की इलाज की सुविधा सीमित थी। यहां ब्लड सेपरेशन यूनिट का संचालन होता है, जिसके माध्यम से रक्त से पीआरबीसी, एफएफपी, प्लेटलेट्स और क्रायो प्रीसिपिटेट अलग कर जरूरत के अनुसार मरीजों को उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा अस्पताल में 12 बेड का आईसीयू, 10 बेड का एसएनसीयू और 10 बेड का एनआरसी वार्ड संचालित हैं।
गंभीर मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में कुल नौ वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, जबकि इमरजेंसी सेवाओं के लिए जांच के लिए दो एबीजी मशीनें लगाई गई हैं। सीमित संसाधनों के कारण जटिल और गंभीर मामलों में मरीजों को बाहर रेफर करना पड़ता था। नई क्रिटिकल केयर यूनिट के शुरू होने से इन समस्याओं को दूर किया जा सकेगा और मरीजों को जिले में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। संवाद
जिले के मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। अभी तक सीमित संसाधनों में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही थीं, लेकिन 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट के शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को जिले में ही उच्चस्तरीय उपचार मिलेगा। नई यूनिट में अत्याधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। इससे आपातकालीन मामलों में मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी। - डॉ. हरिओम कुमार सिंह, प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन सीसीयू का निरीक्षण करते प्राचार्य। संवाद