अवैध खनन की शिकायत से अधिकारी परेशान हैं। जांच करने पहुंच रहे अफसरों को मौके पर कुछ नहीं मिल रहा। इसे देखते हुए फर्जी शिकायत करने वालों के खिलाफ खनन विभाग व एलआईयू ने कार्रवाई करने का खाका खींच लिया है। अब शिकायत मिलने के बाद पहले उसकी जांच होगी। इसमें सर्विलांस की भी मदद ली जाएगी। फर्जी शिकायत की पुष्टि होने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
जिले में संचालित हो रहे आठ यमुना बालू घाटों के शुरू होते ही अवैध खनन की शिकायतों का दौर चल पड़ा है। इससे डीएम, एडीएम, एसडीएम सहित संबंधित जिम्मेदारों की सिरदर्दी बढ़ जाती है। चार दिन पहले हुई शिकायत पर डीएम, एसपी सरायअकिल थाने के कटैया बालू घाट पहुंचे। यहां पर अधिकारियों ने खनन की जांच की, लेकिन अवैध खनन की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में खनन पाया गया। घाट व आस-पास कहीं भी जेसीबी अथवा पोकलैंड नहीं मिली।
इसके अलावा अन्य कई बालू घाटों की शिकायत लगातार अफसरों को मिल रही है। गुरुवार को महिला घाट पहुंचे खनन निरीक्षक ने भी खनन की हकीकत खंगाली। शुक्रवार की सुबह भी महेवाघाट थाने के दलेलागंज व उमरावां में अवैध खनन की शिकायता फोन पर मिली। यहां पर जांच कराने पर सब कुछ ठीक मिला। अवैध खनन के नाम पर हो रही फर्जी शिकायतों को लेकर खनन निरीक्षक व एलआईयू ने कार्रवाई का खाका तैयार किया है। अब शिकायत पर फौरन अफसरों की टीम बालू घाट पर पहुंचेगी।
अवैध खनन नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता के मोबाइल नंबर के जरिए एलआईयू व खनन विभाग की टीम उस तक पहुंचेगी। सर्विलांस के जरिए नाम व पता लगने के बाद संबंधित थाने में झूठी शिकायत करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बहरहाल कुछ भी हो खनन विभाग व एलआईयू की इस पहल से अवैध खनन की फर्जी शिकायतों पर शिकंजा कसना तय है।
पट्टेधारकों पर दबाव बनाने के लिए हो रही शिकायतें
यमुना बालू घाटों पर शुरू किए गए खनन के बाद स्थानीय लोगों द्वारा पट्टेधारकों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। वह अपना ट्रैक्टर व अन्य वाहन घाटों पर ले जाकर मुफ्त में बालू मांग रहे हैं। नहीं मिलने पर वह अफसरों को घर बैठे फोन पर शिकायत कर रहे हैं। अब तक हुई शिकायतों की जांच में अधिकतर मामले ऐसे पाए गए हैं। हो रही फर्जी शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे लोग बगैर एफआईआर के नहीं मानेंगे। लोग पकड़ में जल्दी जा आ जाएं इसके लिए एलआईयू की मदद ली जा रही है।
जिले में चल रहे आठ बालू घाटों के पट्टेधारकों को घाटों पर मशीन रखने तक की इजाजत नहीं है। बावजूद इसके मिल रही झूठी शिकायतें अधिकारियों की परेशानी का सबब बन रही हैं। अवैध खनन व फर्जी शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए एलआईयू व खनन विभाग पूरी तरह से सक्रिय है।
राज रंजन, खनन निरीक्षक कौशांबी