सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के ससुराली एक बार फिर मायूस हो गए। उनकी ससुराल खूझा गांव में विद्युतीकरण अब तक नहीं हो सका है। पंडित दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना की सूची से भी यह गांव गायब है। सूची में खूझा का नाम न होने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। ग्रामीण इस मामले को लेकर खुद डिप्टी सीएम से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।
विकास खंड सिराथू के खूझा मजरा अफजलवारी की आबादी तीन सौ से अधिक है। इसी गांव में डिप्टी सीएम केशव मौर्य की ससुराल है। विकास के नजरिए से गांव काफी पिछड़ा है। पिछली सरकारों ने राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत कई गांवों को रोशन किया था। खूझा की बदनसीबी यह रही कि यहां एक अदद पोल नहीं गड़ सका। 14 साल बाद प्रदेश में पूर्ण बहुमत से बनी भाजपा सरकार व सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य की ससुराल होने की वजह से गांव के लोगों को उम्मीद थी कि पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत शायद खूझा गांव भी जगमग होगा, लेकिन इस गांव का चयन ही नहीं हुआ। इससे ग्रामीण निराश है।