केशव मौर्य ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
सक्रियता पर विश्व हिंदू परिषद ने बना दिया था विभाग संगठन मंत्री
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। नब्बे के दशक में हुए रामंदिर आंदोलन में दोआबा के रहने वाले और प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौय ने अग्रणी भूमिका निभाई थी। उनकी सक्रियता को देख विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने जिला इकाई से प्रमोट कर उन्हें विभाग संगठन मंत्री और फिर बाद में प्रांतीय संगठन की जिम्मेदारी दे दी थी। इसके बाद लगातार उनका कद बढ़ता चला गया। शनिवार को राम मंदिर निर्माण का फैसला आने पर डिप्टी सीएम ने अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में सुप्रीम फैसले को स्वागतयोग्य बताया।
वर्ष1990 में राम मंदिर आंदोलन के दौरान तत्कालीन दोआबा वर्तमान में कौशाम्बी जनपद प्रयागराज (इलाहाबाद) का हिस्सा था। विश्व हिंदू परिषद में संगठन के लिहाज से प्रयागराज जनपद को चार हिस्सों में बांटा गया था। जिसमें शहर के अलावा गंगापार, यमुनापार और दोआबा शामिल था। तत्कालीन दोआबा और वर्तमान में कौशाम्बी जनपद के सिराथू कस्बा निवासी केशव मौर्य यमुनापार के जिला संगठन मंत्री थे। इस दायित्व के साथ उन्होंने हिंदुओं के बीच सनातनी चेतना पैदा कर बड़ी संख्या में कार सेवक बनाए थे। स्वयंसेवकों को कार सेवा के लिए अयोध्या भी ले गए थे। उनकी इसी सक्रियता से प्रभावित होकर संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष रहे अशोक सिंहल ने उन्हें विभाग संगठन मंत्री बना दिया था। तब से लगातार उनका कद बढ़ता गया। विहिप में ही पहले दिल्ली प्रदेश संगठन और फिर बाद में अयोध्या प्रांत और फिर क्षेत्रीय संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंप दी गई। सिराथू में उनके करीबी बद्री विशाल त्रिपाठी बताते हैं कि इस दौरान जितने भी राम मंदिर आंदोलन हुए उन सभी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी के चलते पहले संगठन और फिर सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी मिली। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अमर उजाला से हुई बात में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा कि फैसले का सभी वर्गों, दलों ने स्वागत किया है। इससे न्यायिक प्रणाली में सामान्य जन के विश्वास को और मजबूती मिलती है। फैसले से देश की राष्ट्रीय एकता अखंडता और आपसी सौहार्द को और बल मिला है। इस फैसले से कोई हारा नहीं।