पिपरी कोतवाली इलाके में शनिवार को शौच के लिए खेत गई किशोरी के साथ गैंगरेप के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 12 घंटे के अंदर वारदात के खुलासे का दावा किया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ रविवार को लिखापढ़ी कर उनका चलान कोर्ट भेजा गया। जहां से सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
रविवार को पुलिस ऑफिस में एएसपी समर बहादुर व सीओ चायल श्यामकांत ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर बताया गया कि पिपरी कोतवाली इलाके की एक किशोरी ने शनिवार शाम बताया कि वह गांव के बाहर शौच के लिए गई थी। इस दौरान रेही गांव के खुस्सू उर्फ सूरज यादव और बूंदा गांव के अमला और मिट्ठू ने उसे पकड़ लिया और सूनसान स्थान में ले जाकर दुष्कर्म किया। किशोरी ने बताया कि वह सभी आरोपितों को पहचानती है।
इस पर सक्रिय हुई पुलिस ने पुलिस ने किशोरी की मां से तहरीर लेकर आरोपियों की तलाश में छापेमारी करने लगी। रविवार को नामजद सभी आरोपी गांव के बाहर से पकड़े गए। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कुबूल किया। इस मामले में सभी का चलान किया गया है। अदालत ने सभी को जेल भेज दिया है।
नहाने के बाद कोतवाली पहुंची थी किशोरी
गैंगरेप की पीड़िता किशोरी के मुताबिक घटना के बाद वह सीधे घर पहुंची और नहाने के बाद उसने वारदात स्थल पर पहने अपने कपड़ों को धुल डाला। इसके बाद उसने अपनी मां से घटना के बारे में बताया। दरअसल किशोरी का पिता मुंबई में रहता है, इसलिए मां ने ही पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो कपड़े धुले जा चुके थे, इस वजह से उन्हें डीएनए जांच के लिए नहीं भेजा जा सका है।
पुलिस टीम की गई सम्मानित
एएसपी समर बहादुर ने बताया कि गैंगरेप का यह मामला पुलिस के लिए चुनौती भरा था। घटना की जानकारी मिलने के बाद सीओ चायल श्यामकांत के नेतृत्व में इंस्पेक्टर पिपरी राधेश्याम वर्मा, लोधौर चौकी प्रभारी मनोज तोमर, चायल चौकी के प्रभारी विजेंद्र सिंह, व आरक्षी अखिलेश्वर कुमार, योगेश कुमार, बृजेश कुमार, मनोज यादव, विंदा चरण, नवीन कुमार को लगाया गया था। पुलिस टीम के अथक प्रयास से घटना का जल्द ही खुलासा कर लिया गया। गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।