जन समस्याओं को त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित तहसील दिवस में कुल 181 शिकायती प्रार्थना पत्र शामिल हुए। जिसमें मात्र 11 शिकायतों को ही निस्तारण मौके पर किया जा सका है। जिलाधिकारी ने तहसील दिवस में शामिल हुए अफसरों को निर्देश दिए की प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण किया जाए।
जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को मंझनपुर में तहसील दिवस आयोजित किया गया। पिछले तहसील दिवस में प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को तहसील दिवस के प्रकरणों को गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से निर्धारित समय सीमा में निस्तारण के निर्देश दिए। शामिल हुए कुल 181 प्रार्थना पत्रों में राजस्व की 82, पुलिस की 32, विकास विभाग 36, समाज कल्याण के 05, स्वास्थ्य विभाग के 02, आपूर्ति विभाग 06, विद्युत विभाग के 06, जल निगम 02, कृषि विभाग 02 तथा नगर पंचायत के 02 शिकायती पत्र रहे।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को सचेत करते हुए निर्देशित किया है कि तहसील दिवस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले बिंदुओं में से एक है। इसमें लापरवाही और उदासीनता क्षम्य नहीं होगी। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी दिनेश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी मंझनपुर लाल जी मिश्र सहित अन्य जिलास्तरीय अफसर मौजूद रहे। इसी तरह चायल तहसील में फरियादियों की शिकायत एसडीएम अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने सुनी। यहां पर आए 60 शिकायती पत्रों में से छह का मौके पर निस्तारण करते हुए बाकी के लिए मातहतों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
लोधपुरवा में डीएम ने लगाई चौपाल
तहसील दिवस में जनशिकायतों की सुनवाई करने के बाद डीएम अखंड प्रताप सिंह और एसपी वीके मिश्र कौशाम्बी ब्लॉक के लोध पुरवा गांव पहुंचे। यहां पर चौपाल लगाकर डीएम, एसपी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि एक माह से बिजली की आपूर्ति बाधित है। इस पर डीएम ने मौके से ही एसडीओ विद्युत को कड़ी फटकार लगाते हुए दो दिन के भीतर आपूर्ति बहाल करने की चेतावनी दिया। इसके अलावा डीएम ने ग्रामीणों ने शासन की योजनाओं के मिल रहे लाभ के बावत जानकारी की। इस दौरान ग्रामीणों ने डीएम से समाजवादी पेंशन दिलाने और हैंडपंप रिबोर कराने की प्रमुखता से मांग की।