मध्यान्ह भोजन के साथ बच्चों को दूध नहीं परोसना 22 स्कूलों के हेडमास्टरों को महंगा पड़ा है। निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर बीएसए ने अग्रिम आदेश तक इन सभी प्रधानाध्यापकों का वेतन रोक दिया है। इससे पहले भी लापरवाही पर बेसिक शिक्षा अधिकारी दो हेडमास्टरों को निलंबित कर चुके हैं। विभागीय अफसर की इस कार्रवाई से अध्यापकों में हड़कंप मचा है।
बता दें कि परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने एमडीएम के मीनू में फेरबदल किया है। नए मीनू के मुताबिक अब प्रत्येक बुधवार को बच्चों को कोफ्ता चावल और दूध दिया जाना है। नौनिहालों केे दूध परोसे जाने में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं हो, इसे लेकर जिले के अफसरों की टीम को निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। इस बुधवार को बीएसए अशोक कुमार यादव और एमडीएम समन्वयक पंकज वर्मा ने जिलेभर के प्राइमरी और जूनियर स्कूलों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान सिराथू ब्लाक के प्राथमिक, जूनियर स्कूल हौलीपर, प्राथमिक विद्यालय जेहिदपुर सरैंया, प्राइमरी स्कूल जयंतीपुर, प्राइमरी स्कूल मलाक सद्दी, प्राइमरी स्कूल साखा, प्राइमरी स्कूल मऊहारी बाग, प्राइमरी और जूनियर स्कूल गोश्यामलपुर, प्राइमरी स्कूल अइमावारी, प्राइमरी स्कूल आइमापुर, प्राइमरी स्कूल भगौतापुर समेत 17 स्कूलों में दूध का वितरण नहीं पाया गया। इसी तरह सरसवां ब्लाक के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल पौर कांशीरामपुर, प्राथमिक स्कूल घोष, कड़ा ब्लाक के प्राइमरी स्कूल मीठेपुर सयारा और नेवादा ब्लाक के अकबराबाद प्राइमरी स्कूल में भी बच्चों को दूध नहीं परोसा गया था। बीएसए अशोक कुमार यादव ने बताया कि इन सभी 22 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया गया है। मीनू के हिसाब से बच्चों को एमडीएम नहीं देने वाले सभी स्कूलों के हेडमास्टरों पर कार्रवाई की जाएगी। इससे एक बुधवार पहले बीएसए ने कड़ा ब्लाक के चक इमाम अली और सिराथू ब्लाक के मनमऊ स्कूल के हेडमास्टर को भी दूध नहीं परोसने पर निलंबित किया था।