किसानों के प्रति केन्द्रीय कृषि मंत्री की ओर से दिए गए बयान से दोआबा में उबाल आ गया है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के अलावा भाकियू ने भी मंत्री के बयान को शर्मनाक करार देते हुए गुस्सा जताया। भाकियू जिलाध्यक्ष ने तो मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की। चेताया कि ऐसा नहीं होने पर कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे। बता दें कि केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने राज्यसभा में किसानों की आत्महत्या को लेकर पूछे गए सवाल का बड़ा ही बेतुका जवाब दिया है। उन्होंने किसानों की खुदकुशी का कारण नपुंसकता, ड्रग्स और प्रेम प्रसंग बताया है। इसे लेकर जिले के अन्नदाताओं और किसान संगठनों में गहरी नाराजगी है। कांग्रेसियों ने भी बयान की तीखी निंदा की है। शनिवार को मंझनपुर स्थित कार्यालय में भाकियू की बैठक हुई।
इसमें जिलाध्यक्ष बलबीर सिंह चौहान ने कहाकि खुद को किसानों का हमदर्द बताने वाली केन्द्र सरकार के मंत्री ने इतना घटिया बयान देकर साफ कर दिया है कि कृषि रक्षा मंत्रालय किसानों के प्रति किस तरह की सोच रखता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बयान देने वाले को जल्द से जल्द मंत्री पद से हटाया नहीं गया, तो इसके खिलाफ भाकियू सड़क पर उतरने को बाध्य होगी। इतना ही नहीं मंत्री के इस बयान का जवाब किसान तो आने वाले चुनाव में देंगे। इस मौके पर भइयालाल धुरिया, रमेश पाल, देवनाथ, धर्मराज तिवारी, बच्चालाल आदि मौजूद रहे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष तलत अजीम ने भी केंद्रीय मंत्री के बयान को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहाकि मोदी सरकार का असली चेहरा अब जनता के सामने आने लगा है। इस बयान से साफ हो गया है कि केन्द्र सरकार किसानों की कितनी हमदर्द है।