अजुहा कस्बे के एक युवक ने शुक्रवार की रात तिलक की रस्म से ठीक पहले अचानक शादी से इंकार कर दिया। इससे कन्यापक्ष के लोगों के साथ ही तिलक समारोह में शामिल होने आए रिश्तेदार और ग्रामीणों के होश उड़ गए। परिजन भी युवक के इस कदम से अवाक रह गए। उसकी मान-मनौव्वल का प्रयास हुआ। घंटों पंचायत हुई। पर, बात नहीं बनी। आखिर में खुद कन्यापक्ष के लोग जबरदस्ती शादी नहीं करने की बात कहते हुए मायूस होकर लौट गए। घटना को लेकर शनिवार को दिनभर इलाके में चर्चाओं का बाजार गरम रहा। हालांकि युवक ने रिश्ते से क्यों इंकार किया? इसका खुलासा करने से वह बचता रहा।
बता दें कि सैनी कोतवाली क्षेत्र के अजुहा कस्बा निवासी डॉ. भोला प्रसाद चिकित्सक हैं। कस्बे में ही उनकी क्लीनिक है। उन्होंने अपने बेटे की शादी चित्रकू ट के एक गांव की रहने वाली युवती से तय की थी। शुक्रवार को तिलक चढ़नी थी। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक कन्यापक्ष के लोग तिलक की रस्म अदा करने के लिए अजुहा पहुंचे थे। यहां भी तिलक समारोह की दिनभर धूम मची रही। शाम होते ही घर बिजली की रंगीन लड़ियों से जगमगा उठा। गाने बजने लगे थे। साथ ही कस्बाई, दोस्त-मित्रों के साथ रिश्तेदारों की जमघट लगा हुआ था। लोग तिलक समारोह की दावत उड़ा रहे थे। रात करीब नौ बजे तिलक की रस्म पूरी करने की तैयारी हुई। कन्यापक्ष के साथ वरपक्ष के लोग भी जुट गए। दोनों पक्ष के पुरोहित मंगलमंत्र शुरू कर दिए थे।
इसीबीच अचानक दूल्हा मकान की छत पर चढ़ गया। उसने हाथ जोड़कर सभी से माफी मांगी और इस शादी से इंकार करने लगा। उसकी बातें सुनकर वहां मौजूद दोनों पक्ष के लोग अवाक रह गए। किसी की समझ में कुछ नहीं आ रहा था कि आखिर अचानक युवक को क्या हो गया। दोस्तों के साथ ही रिश्तेदार, घर की महिलाओं, मां-बाप सभी ने बारी-बारी से उसे समझाने की कोशिशें की, लेकिन युवक अपने फैसले पर अडिग रहा। घंटों इस मसले पर दोनों पक्ष के लोगों के बीच पंचायत भी हुई। पर, बात नहीं बनी। तमाम कोशिशों के बाद भी युवक इस शादी के लिए राजी नहीं हुआ। सबसे खास बात यह रही कि दोनों पक्ष के लोगों के बार-बार पूछने के बाद भी उसने इसकी कोई वजह नहीं बताई। देर रात कन्या पक्ष के लोग भारी मन से घर लौट गए। युवक के इस कदम को लेकर दिनभर चर्चाओं का बाजार गरम रहा। कस्बे में तो जितने मुंह, उतनी बातें होती रही।