अब इससे बड़ी अफसरों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी क्या होगी कि 5 साल से पश्चिमशरीरा और आसपास के दो दर्जन से अधिक गांववाले और काराबोरी परेशानी उठा रहे हैं, मगर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। चौड़ीकरण के नाम पर 2010 से टेंवा-पश्चिमशरीरा मार्ग खोद कर छोड़ दिया गया है। खोदाई से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। गिट्टियां बिखरी हैं। गांववालों का मंझनपुर जिला मुख्यालय और पश्चिमशरीरा बाजार पहुंचना मुश्किल है। पश्चिमशरीरा के कारोबारियों, पेट्रोलपंप मालिकों का धंधा चौपट हो चुका है।
महेवाघाट-मूरतगंज मुख्यमार्ग पर स्थित टेंवा बाजार से पश्चिमशरीरा बाजार के लिए 7 किलोमीटर लंबी सड़क करीब 30 साल पहले बनाई गई थी। तीन दशक पहले बनी सड़क क्षतिग्रस्त होने पर वर्ष 2010 में इसके चौड़ीकरण को मंजूरी मिली। टेंडर होने के बाद ठेकेदार ने पूरी सड़क की खोदाई कर डाली। निर्माण के लिए सड़क पर गिट्टियां डाल दी गई। इसी बीच विधानसभा चुनाव आ गया और निर्माण कार्य बंद करके ठेकेदार गायब हो गया। चुनाव में सूबे में सत्ता परिवर्तन हो गया। इसके बाद से टेंवा-पश्चिमशरीरा मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो सका। सड़क निर्माण नहीं होने से पश्चिम शरीरा, पूरब शरीरा, बरैसा, महांवा, अषाढ़ा, दानपुर, पुनवार आदि गांववाले परेशानी उठा रहे हैं।
इन गांव के लोगों का पश्चिम शरीरा बाजार आना-जाना मुश्किल है। ग्रामीणों के पश्चिमशरीरा नहीं जाने से वहां के कारोबारियों का धंधा चौपट हो गया है। पश्चिमशरीरा बाजार के व्यापारी शैलेंद्र केसरवानी, योगेश केसरवानी, मानिकचंद्र, धर्म नारायण, सुनील कुमार, अरूण केसरवानी आदि ने बताया कि पहले आसपास के दो दर्जन से अधिक गांववाले खरीददारी करने पश्चिमशरीरा आते थे, लेकिन सड़क खराब होने के कारण अब लोग करारी, मंझनपुर चले जाते हैं। सड़क खराब होने के कारण इलाहाबाद से ट्रांसपोर्ट से सामान मंगाना महंगा हो गया है। ट्रांसपोर्ट वाले ज्यादा भाड़ा लेने लगे हैं।
मुख्यालय जाने को 10 किलोमीटर का चक्कर
पश्चिमशरीरा (ब्यूरो)। टेंवा-पश्चिम शरीरा मार्ग खोदकर छोड़ दिए जाने के कारण कटरी, गनेशपुर, पभोषा, डेढ़ावल, गोराजू, चांदेराई, बाकरगंज, गढ़ी, अंदावां, चम्पहा, धवाड़ा, पूरब शरीरा, पश्चिमशरीरा आदि दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों का मंझनपुर जाना मुश्किल है। गड्ढे और गिट्टी से भरी सड़क के कारण लोगों को साइकिल, बाइक अथवा चार पहिया वाहन से मंझनपुर जाने में दिक्कतें होती हैं। इसके कारण लोगों ने पश्चिमशरीरा-टेंवा मार्ग के बजाय करारी होकर मंझनपुर जाना शुरू कर दिया है। जबकि करारी होकर मंझनपुर जाने में लोगों को 10 किलीमीटर का अधिक रास्ता तय करना पड़ रहा है। पर, रास्ते की दिक्कत के कारण लोग इस लंबे रास्ते से आवागमन की मजबूरी 5 साल से झेल रहे हैं।
रोजाना 100 लीटर तेल बिकना मुश्किल
पश्चिमशरीरा (ब्यूरो)। टेंवा-पश्चिमशरीरा की दुर्दशा को पुनवार, पूरबशरीरा स्थित पेट्रोलपंप के मालिक भी भुगत रहे हैं। पुनवार पेट्रोलपंप के संचालक अंशुमान ने बताया कि पहले उनके पेट्रोल पंप पर आसपास के सभी गांवों के किसान, चार पहिया वाहन वाले डीजल और दोपहिया वाहन सवार पेट्रोल खरीदने आते थे। इससे औसतन रोजाना करीब 2000 लीटर डीजल और 300 लीटर पेट्रोल की बिक्री हो जाती थी। अब सड़क खराब होने के कारण दिनभर पंप पर सन्नाटा पसरा रहता है। दिनभर में 100 लीटर डीजल और 20-25 लीटर पेट्रोल की बिक्री होनी मुश्किल है। इसके कारण उनका सारा कारोबार चौपट हो चुका है। धंधा प्रभावित होने का यही दर्द पूरबशरीरा पेट्रोलपंप संचालक भी बयां करते हैं।
क्या कहते हैं क्षेत्रीय विधायक
टेंवा-पश्चिमशरीरा मार्ग चौड़ीकरण और पुर्न निर्माण का काम 5 साल से अधूरा पड़े होने पर क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने इस समस्या को विधानसभा में उठाया था, लेकिन सरकार ने बजट की कमी बताकर पल्ला झाड़ लिया। पूर्वमंत्री ने कहा कि उनका प्रयास है कि यह सड़क जल्द बनकर तैयार हो जाए, ताकि लोगों को आवागमन की दिक्कत न झेलनी पड़े।