कनैली माइनर में महीनों से पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे माइनर सूखी है। इस वजह से हजारों बीघे खेत में बोई की फसलें सूखने लगी हैं। किसानों ने एक्सईएन समेत अन्य अफसरों को कई प्रार्थनापत्र दिए। इसके बाद भी माइनर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।
बता दें कि किशुनपुर पंप कैनाल से जुड़ी कनैली माइनर से जाठी, मढ़ी, नरेंद्र बारा, नैनुआ सलेमपुर, भीखा गर्ग का पुरा, उरई अशरफपुर, बड़गांव, मोहद्दीनपुर, रसूलपुर आदि करीब 50 गांव में खेतों की सिंचाई होती है। इस माइनर के भरोसे इस साल भी किसानों ने हजारों बीघे में गेहूं की बुआई की थी, लेकिन कई महीने से माइनर सूखी है। इससे गेहूं की फसल भी सिंचाई के अभाव में सूख रही है। जाठी गांव की प्रधान पूजा देवी, धीरेंद्र कुमार, रामदास, सुंदरलाल दिवाकर, जगदीश प्रसाद, शंकर दयाल पांडेय, छेदीलाल पाल, बहादुर पाल, महेंद्र कुमार, संगमलाल आदि ने बताया कि दो महीने से माइनर सूखी पड़ी है। इससे करीब एक हजार बीघे की फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। यदि दो-चार दिन में सिंचाई नहीं हुई, तो इन खेतों से एक दाना भी मिलना मुश्किल है।
प्रधान और किसानों का कहना है कि कई बार एक्सईएन समेत अन्य अफसरों से शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे किसानों में आक्रोश है। प्रभारी डीएम ओपी आर्या का कहना है कि वे इस संदर्भ में एक्सईएन नहर विभाग से बात करेंगे। सभी नहर और माइनरों में जल्द से जल्द पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।