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चेक लेकर भटक रहे किसान

Wed, 29 Apr 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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मुआवजे की चेक पर तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं होने से पीड़ित किसानों को बैंक से पैसा नहीं मिल रहा है। चायल क्षेत्र के कई पीड़ित चेक लेकर बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं। मितुआपुर गांव के पीड़ितों ने भुगतान नहीं होने पर मंगलवार को एसडीएम का घेराव किया। मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश जिले के हजारों किसान बर्बाद हो गए। प्रशासन ने मौसम की मार से प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए करीबन 71 करोड़ रुपये की मांग शासन से की थी। अभी जिले को सिर्फ 2.50 करोड़ रुपये मिले हैं।
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इस धनराशि का तीनों तहसील के प्रभावित किसानों को वितरण शुरू कर दिया गया है। अब तक 1.50 करोड़ से अधिक की धनराशि के चेक तमाम किसानों को बांटे जा चुके हैं, लेकिन मुआवजे की ये चेक भुगतान के लिए लेकर किसान बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं। चेक में नाम गलत होने, अफसरों के हस्ताक्षर नहीं होने आदि के कारण किसानों को राहत राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसी ही समस्या से मितुआपुर गांव के शिवकरन, ननकूलाल, द्वारिका प्रसाद, मंदरी, कलावती, सुनीता देवी, सुंदरी देवी, शंकरलाल, लमकी देवी आदि भुगत रहे हैं।


इन किसानों ने बताया कि चेक लेकर वे दो दिन से बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। मंगलवार को बैंक के कैशियर ने उन्हें बताया कि चेक पर तहसीलदार के दस्तखत ही नहीं है। यह सुनते ही किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। तमतमाए किसान चायल तहसील पहुंचे और एसडीएम का घेराव किया। उप जिलाधिकारी ने किसानों का चेक लेकर उसमें तहसीलदार के हस्ताक्षर करवाए। तहसील के एक कर्मी इन किसानों के साथ बैंक भेजकर राहतराशि का भुगतान करवाया। बता दें कि मितुआपुर की तरह अन्य गांवों के भी अन्नदाता परेशान हैं।
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