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यमुना तराई में प्राथमिक शिक्षा बदहाल

Sat, 20 Feb 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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अफसरों की हिदायत और कार्रवाई के बाद भी प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं की मनमानी खत्म नहीं हो रही है। इसकी बानगी शनिवार को जिले के यमुना तराई क्षेत्र में देखने को मिली। जहां सुबह 10 बजे तक कई स्कूलों में प्रधानाध्यापक, शिक्षकों का पता नहीं था। बच्चे स्कूल परिसर में हुड़दंग मचाते खेल रहे थे।


छह से 14 साल तक के सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले। इसके लिए गांव-गांव प्राथमिक स्कूल खोले गए हैं। कौशाम्बी ब्लॉक में लगभग 480 प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें ज्यादातर विद्यालय यमुना तराई इलाके में हैं। ऐसे में इन प्राइमरी स्कूलों में तैनात अध्यापक-अध्यापिकाएं ड्यूटी के प्रति पूरी तरह से मनमानी पर उतारू हैं। अफसरों की हिदायत और कार्रवाई के बाद भी यमुना इलाके के गांवों में बने प्राथमिक स्कूलों के खुलने-बंद होने तक का कोई समय नहीं है। मास्टरों की यही मनमानी शनिवार की सुबह देखने को मिली। शासनादेश है कि प्राइमरी स्कूल सुबह 9 बजे खोले जाएं। पर, शनिवार को कौशाम्बी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक स्कूल बड़ा गढ़वा में सुबह 9.30 बजे तक ताला लटका था। वहीं सुबह 9.45 बजे पूर्व माध्यमिक स्कूल रसूलपुर बड़गांव में भी ताला बंद था।
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सहायक अध्यापक प्राथमिक स्कूल में बैठे थे। एक लड़का विद्यालय का ताला खोलने जा रहा था। बातचीत के दौरान गांववालों ने बताया कि प्रधानाध्यापक तो कभी-कभी स्कूल आते हैं। इसी तरह से प्राथमिक स्कूल बैंगवा फतेहपुर में एक सहायक अध्यापक स्कूल आ गए थे, लेकिन पढ़ाई नहीं शुरू हुई थी। सभी बच्चे स्कूल परिसर के बाहर खेलते दिखे।
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चूल्हे में बनता है मध्याह्न भोजन
बारा (ब्यूरो)। कौशाम्बी के कई प्राथमिक स्कूलों में मध्याहन भोजन चूल्हे पर बनाया जाता है। कारण स्कूलों में चोरी के दौरान रसोई गैस सिलेंडर गायब हो चुका है। तहरीर देने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दुबारा स्कूलों में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया। प्राथमिक स्कूल मढ़ी में दो साल से मध्याह्न भोजन चूल्हे पर बनाया जा रहा है।  प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि लगभग दो साल पहले सिलेंडर चोरी चला गया था। जिसकी तहरीर कौशाम्बी थाने में दी गई थी। विभागीय अफसरों को भी चोरी की घटना से अवगत कराया गया था। फिर भी रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
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