सरकारी जमीन पर मकान बताकर 4 महीने पहले बेघर किए गए सिराथू कस्बे के गरीबों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया। मकान जमींदोज किए जाने को भू-माफिया की साजिश बताते हुए लोगों ने डीएम दफ्तर के सामने हुंकार भरी। प्रार्थनापत्र देकर जिलास्तरीय टीम से जांच कराने की मांग की।
सिराथू कस्बे के नया नगर मोहल्ले में 2 अक्तूबर को अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान शोभा देवी, ननका, भैयालाल, राजकरन, बोड़ीलाल, मुकुलचंद्र, दयाराम आदि लोगों के मकान नगर पंचायत की जमीन पर बना होना बताकर जेसीबी से जमींदोज करा दिया गया था। इस अभियान से बेघर हुए गरीबों ने बुधवार को डीएम दफ्तर पहुंचकर हुंकार भरी। शोभा देवी और अन्य भुक्तभोगियों ने बताया कि जिस मकान को अतिक्रमण के दायरे में बताकर 4 महीने पहले गिराया गया है। उसमें वे परिवार समेत 25 वर्ष से भी ज्यादा समय से रह रहे थे। यह जमीन उनकी खुद की है। आरोप है कि भू-माफिया की नजर सड़क किनारे स्थित उनकी जमीन पर लगी है।
उन्हीं लोगों ने साजिश करके नगर पंचायत के अफसरों की मिलीभगत से घर जमींदोज कराया है। मकान गिराए जाने के बाद से बेघर हुए गरीब वहीं झोपड़े बनाकर किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं। कई बार इन लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष, एसडीएम आदि अफसरों से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बुधवार को पीड़ितों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर जिलास्तरीय टीम से इस प्रकरण की जांच कराने की मांग की। अनदेखी पर भुक्तभोगियों ने अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।