बीज, कीटनाशक, खाद आदि की बिक्री के कृषि विज्ञान में स्नातक की
अनिवार्यता के खिलाफ कारोबारियों ने मोर्चा खोल दिया है। केंद्र सरकार पर
मनमानी का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कलेक्ट्रेट में व्यापारियों ने
धरना-प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को देकर स्नातक
की अनिवार्यता वापस लिए जाने की मांग की। सुनवाई नहीं होने पर बाजार बंदी,
आंदोलन, हड़ताल की चेतावनी दी।
बता दें कि केंद्र सरकार ने बीज,
कीटनाशक और खाद आदि की बिक्री करने वाले व्यापारियों के लिए कृषि विज्ञान
में स्नातक होना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए देशभर के कारोबारियों में
आक्रोश है। मंगलवार को कौशाम्बी में भी कृषि बीज व्यापार मंडल के बैनर तले
जुटे कारोबारियों ने कलेक्ट्रेट में आवाज बुलंद की। संगठन के जिलाध्यक्ष
नरोत्तम दास केसरवानी ने इसे केंद्र सरकार की मनमानी करार दिया। करीब घंटभर
तक धरना, प्रदर्शन करने वाले व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित 3
सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया।
इसमें कृषि मंत्रालय के नए नियमों को तत्काल
संशोधित किए जाने, बीएससी कृषि की अनिवार्यता को वापस लेने की मांग की गई।
मांगें पूरी नहीं हुई, तो व्यापारी बाजार बंदी, हड़ताल, जेल भरो आंदोलन आदि
के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर रमेश अग्रहरि, प्रवेश केसरवानी, कृष्णदेव
कुशवाहा, संजय कुशवाहा, बच्चा केसरवानी, यदुनंदन सिंह, सोमंत कुमार, भूषण
सिंह, मनोज अग्रहरि, संजय केसरवानी, प्रकाशचंद्र, लखनलाल, दिलीप चंद्र
अग्रहरि, शिवप्रसाद आदि मौजूद रहे।