करारी के तियरा जमालपुर गांव के मनरेगा मजदूरों ने ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) और पंचायत मित्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिहाड़ी मांगने पर दुर्व्यवहार और मारने के लिए दौड़ा लेने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रभारी डीएम और एसपी को प्रार्थनापत्र देकर आरोपों की जांच और एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की।
करारी थाना क्षेत्र के तियरा जमालपुर गांव निवासी राम दुलार, हरिलाल, मौला, रामचंद्र, देवकली देवी, महिपाल, सूबेदार, विमला देवी, शांति देवी, प्रेमचंद्र, माया देवी, कुलवती देवी, दुजई देवी, बालक प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद. चंदा देवी, बदली देवी आदि ने बताया कि उन्होंने मनरेगा के तहत तालाब खुदाई का काम किया था। महीनों बीतने के बाद भी उन्हें अब तक दिहाड़ी नहीं दी गई है। मजदूरी मांगने पर ग्राम विकास अधिकारी और पंचायत मित्र पहले बहानेबाजी करते रहे। अब दिहाड़ी मांगने पर धमकियां दी जाती हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार सुबह उन्होंने पंचायतमित्र से दिहाड़ी की मांग की, तो वह गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार पर उतारू हो गया। उल्टी-सीधी बातें करते हुए मजदूरों को मारने के लिए दौड़ा लिया। जान से मारने की धमकी दी गई।मजदूरों का आरोप है कि पंचायतमित्र ने दुर्व्यवहार और मारपीट की कोशिश ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत से की है। गुस्साए गांववालों ने कलेक्ट्रेट में डीएम, एसपी को प्रार्थनापत्र दिया।