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बदला मौसम लोगों को बना रहा है बीमार

Mon, 01 Feb 2016 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
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कौशाम्बी में सुबह-शाम ठंड है। वहीं दिन में आसमान से धूप के रूप में आग जैसी बरसने लगी है। तीखी धूप के कारण दिन में गर्मी का एहसास होने लगा है। मौसम का यह मिजाज लोगों को बीमार बना रहा है। सर्दी-जुकाम, बुखार के अलावा लोग चिकनपाक्स, खसरा आदि से पीड़ित होने लगे हैं। जिला अस्पताल समेत सभी चिकित्सालयों में इन दिनों बीमारों की भीड़ भी लगती है। डॉक्टरों का भी मानना है कि रात की ठंड और दिन की गर्मी वाला मौसम खतरनाक है। जरा सी चूक लोगों को बीमार बना सकती है।


मौसम का मिजाज कौशाम्बी में लगातार बदल रहा है। नवंबर में ठंड नहीं पड़ी। 15 दिसंबर के बाद आठ दिनों से सर्दी ने अपने तेवर दिखाए थे। फिर अचानक ठंड नदारत हो गई। बूंदाबांदी के बाद जनवरी के शुरूआती पहले पखवारे में कड़ाके की ठंड जहां जानलेवा बनी थी। वहीं एकाएक फिर से ठंड गायब हो गई। इन दिनों मौसम का मिजाज यह है कि सुबह-शाम तो ठंड पड़ रही है। पर, सूरज निकलते ही वह उड़न छू हो जाती है। धूप के नाम पर आसमान से आग जैसी बरसने लगी है।
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दिन में इतनी तीखी धूप रहती है, कि लोगों का 10 मिनट खडे़ होना मुश्किल है। दिन में गरम कपड़े पहनने पर पसीना निकलने लगता है। वहीं सूरज ढलते ही फिर से ठंड फिर पड़ने लगती है। दिन-रात के मौसम में यह बदलाव और तापमान में होने वाला अंतर सेहत के लिए खतरनाक बना है। लोग बीमार होने लगे हैं। सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीज तो घर-घर हैं। वहीं चिकनपाक्स, खसरे का भी प्रकोप जिले में शुरू हो गया है। बहादुरपुर गांव के ही एक परिवार के तीन बच्चे 8 दिनों से चिकनपाक्स से पीड़ित है। वहीं करारी के हिसामपुर गांव में कई दिनों से खसरे का प्रकोप है। जिला अस्पताल में ही देखें तो 10 दिनों से रोजाना मौसमी बीमारियों से जकड़े लोगों की भीड़ आती है। इससे अचानक ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई। 15 दिन पहले तक जहां जिला अस्पताल की ओपीडी में 200 से 250 मरीज आते थे। वहीं सोमवार को यह संख्या 500 से भी ज्यादा थी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ विजय केसरवानी ने बताया कि मौसम के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने लोगों से सुबह-शाम की ठंड से बचने, दिन में गर्मी पड़ने के बाद भी ज्यादा ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करने और सोते समय मच्छरदानी के इस्तेमाल की सीख दी है।
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