बेसिक शिक्षा विभाग के मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक रमेशचंद्र तिवारी ने शुक्रवार को कौशाम्बी के प्राथमिक स्कूल और बीआरसी केंद्रों का मुआयना किया। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल कसेंदा और प्री-इंटीग्रेशन कैंप मंझनपुर के बच्चों को ठंड से बचाव के लिए ऊनी कैंप वितरित की। अध्यापकों से शिक्षास्तर में सुधार लगाने और सह समन्वयकों से नियमित स्कूलों के निरीक्षण का निर्देश दिया।
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक शुक्रवार को सुबह 10 बजे सबसे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल कसेंदा की जांच की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से गिनती, पहाड़ा सुनकर शिक्षा के स्तर की हकीकत भी खंगाली। यहां उन्होंने प्रधानाध्यापक और शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधारने की हिदायत दी। वहीं स्कूलों के सभी छात्र-छात्राओं को ठंड से बचने के लिए ऊनी कैंप भी वितरित की। कसेंदा स्कूल के मुआयने के बाद एडी बेसिक कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल डहिया नेवादा गए। इसके बाद मंझनपुर के हजरतगंज मोहल्ले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का मुआयना किया। कुपोषित बच्चों का वजन कराकर उनके स्वास्थ्य को परखा।
बच्चों में वितरित होने वाले पोषाहार आदि की जानकारी ली। मंझनपुर में ही संचालित नि:शक्त बच्चों के स्कूल प्री-इंट्रीगेशन कैंप जाकर एडी बेसिक ने बच्चों को मिलने वाले नाश्ते, भोजन आदि की गुणवत्ता को परखा। बच्चों को स्वेटर और ऊनी कैप बांटी। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ ही उन्होंने बीआरसी केंद्रों की भी जांच की। केंद्रों में तैनात सह समन्वयकों से नियमित स्कूलों की जांच करने की हिदायत दी। इस मौके पर बीएसए अशोक कुमार सिंह यादव, मंडलीय सह समन्वयक (एमडीएम) सुमित कुमार पांडेय, ज्ञान सिंह आदि मौजूद रहे।