गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करके उनके स्वास्थ्य की जांच को आयोजित मातृत्व सप्ताह शिविर में भी लापरवाही बरती जा रही है। ऐसी ही लापरवाही पर बृहस्पतिवार को डीपीओ ने घोसिया केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकत्री को निलंबित कर दिया। साथ ही एएनएम और आशा कार्यकत्री के खिलाफ कार्रवाई की लिखापढ़ी की है।
मातृ-शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए 27 जनवरी से 3 फरवरी तक मातृत्व सप्ताह का आयोजन किया गया है। इसके तहत गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करने, उनकी सूची तैयार करने, आंगनबाड़ी केंद्रों में उन्हें लाकर उनके स्वास्थ्य की जांच कराने का निर्देश दिया गया है। बृहस्पतिवार को मातृत्व सप्ताह शिविर का निरीक्षण करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश कुमार मिश्र निकले थे। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र घोसिया, रहीमाबाद, लालापुर, रतगहा, बूंदा आदि का निरीक्षण किया। डीपीओ ने बताया कि घोसिया आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओं की सूची मांगने पर भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे भड़के डीपीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री गीता देवी को सस्पेंड कर दिया। वहीं उन्होंने एएनएन प्रभावती और आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को लिखा है। डीपीओ ने निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री शाहिदा खातून, हसीन फातिमा को भी स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी किया है।