बोर्ड परीक्षा प्रभारी रहा डीआईओएस का लिपिक 22 दिनों से बगैर अवकाश के ड्यूटी से लापता है। ऐसे में डीएम के परीक्षा संबंधी अभिलेख मांगने पर तहसीलदार को बुलाकर उसकी आलमारी तोड़ी गई। डीआईओएस ने कहाकि डीएम से अनुमति लेकर आलमारी में रखे अभिलेख निकाले गए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात लिपिक मनीष कुमार श्रीवास्तव को बोर्ड परीक्षा पटल की जिम्मेदारी दी गई थी। इधर, महकमा 18 फरवरी से शुरू होने वाली हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटा है, लेकिन परीक्षा पटल की जिम्मेदारी संभालने वाले लिपिक मनीष कुमार 1 जनवरी से दफ्तर नहीं आए हैं। बगैर छुट्टी लिए वे लापता हैं। बगैर छुट्टी के लिपिक के गायब होने से तब डीआईओएस दफ्तर में हड़कंप मच गया, जब शुक्रवार को डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक को बुलाकर बोर्ड परीक्षा तैयारी की जानकारी ली और उनसे वर्ष 2015 बोर्ड परीक्षा के अभिलेख तलब कर लिया है। डीएम के अभिलेख तलब करने पर खोजबीन हुई, तो पता चला कि परीक्षा पलट की जिम्मेदारी देखने वाले लिपिक मनीष कुमार ने आलमारी की चाभी भी किसी को नहीं दी है।
मनीष के मोबाइल पर भी डीआईओएस और कर्मचारियों ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल स्विच आफ रहा। इसकी जानकारी डीआईओएस ने डीएम को दी। डीएम से अनुमति लेकर तहसीलदार को बुलाकर आलमारी तोड़कर बोर्ड परीक्षा संबंधी अभिलेख निकाले गए। डीआईओएस राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मनीष ने अपना स्थानांतरण इलाहाबाद करा लिया है, लेकिन उसने अभी वहां भी ज्वाइन नहीं किया है। साथ ही छुट्टी के लिए कोई प्रार्थनापत्र नहीं दिया है। मामले की सारी जानकारी डीएम को दे दी गई है।