नि:शक्तों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों का 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर बृहस्पतिवार से डायट में शुरू हुआ। इसमें शामिल शिक्षकों को दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित बच्चों को कैसे पढ़ाना है? इसका हुनर सिखाया जाएगा।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत बृहस्पतिवार से मंझनपुर स्थित डायट मैदान में समेकित शिक्षा का विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। 5 फरवरी तक चलने वाले इस शिविर में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के अध्यापकों को नि:शक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए हुनरमंद बनाया जाना है। शिविर का शुभारंभ जिला विकलांग कल्याण अधिकारी अजय कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहाकि यह प्रशिक्षण नि:शक्त बच्चों के पठन-पाठन के लिए महत्वपूर्ण है। इससे श्रवण बाधित, दृष्टिबाधित बच्चों की मानसिकता, उनके हाव-भाव समझने की जानकारी शिक्षक-शिक्षिकाओं को दी जाएगी। कहाकि प्रशिक्षित नही होने से ज्यादातर अध्यापक बच्चों के हावभाव को समझ नहीं पाते हैं। ऐसे में उन्हें नि:शक्त, मंदबुद्धि आदि बच्चों को पढ़ाने में मुश्किलों का भी सामना करना पड़ता है।
उन्होंने सभी शिक्षकों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और स्कूलों में नि:शक्त बच्चों की शिक्षा देते समय इसके उपयोग का आह्वान किया। समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक विकास पांडेय ने बताया कि इस विशेष प्रशिक्षण के दौरान 277 अध्यापकों को मानसिक विकलांग बच्चों को शिक्षित बनाने का प्रशिक्षण और 402 अध्यापकों को मानसिक और बहुविकलांगता से ग्रसित बच्चों को शिक्षित करने का प्रशिक्षण दिया जाना है।