राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर पंचायतमित्रों का बुधवार को तीसरे दिन ब्लाक मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान संविदा कर्मियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित दो सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारियों को सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
ग्राम सभाओं में संविदा पर तैनात पंचायत मित्र यानि ग्राम रोजगार सेवकों ने शिक्षामित्रों की तरह नियमितकर्मी बनाए जाने की मांग शुरू कर दी है। इसके लिए सोमवार से जनपदभर के सभी पंचायतमित्र ब्लाकों पर धरना दे रहे है। बुधवार को तीसरे दिन मंझनपुर, सिराथू, कड़ा, मूरतगंज, कौशाम्बी, सरसवां, चायल और नेवादा समेत सभी ब्लाकों में पंचायतमित्रों का धरना जारी रहा।
मंझनपुर ब्लाक में आयोजित धरने के दौरान पंचायत मित्र संघ के ब्लाक अध्यक्ष इंद्रजीत ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2012 में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पंचायत मित्रों को राज्यकर्मी बनाने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद भी अब तक पंचायत मित्रों को नियमित नहीं किया गया। प्रदेश सरकार की इस अनदेखी पर आक्रोशित पंचायत मित्रों ने अब आरपार की लड़ाई छेड़ दी है। तीन दिन से ब्लाकों में प्रदर्शन कर रहे पंचायतमित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन बीडीओ को दिया।
इसमें मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने और जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल शुरू करने चेतावनी दी। इस मौके पर राम अभिलाष, सविता यादव, संगीता देवी, मुशरीन फात्मा, सालेहा खातून, राम भूषण, नरेंद्र कुमार, शहनाज रिजवी, विकास चंद्र, मानसिंह, मकसूद राईन, भारत सिंह, राजेश कुमार, जीतेंद्र कुमार, शिवबरन पटेल, संजय शर्मा, भानसिंह यादव, संतोष कुमार, सोनलाल, मकसूद अहमद, विजय सिंह, दयाराम, प्रीतम सिंह, बृजेश कुमार, मोहनलाल, तत्सत ओझा, खुर्शीद खान, दिलराज आदि मौजूद रहे।