विभाग की अनदेखी से लोहिया गांव भी बिजली से अछूते हैं। चयनित गांवों में विद्युतीकरण की शुरूआत तक नहीं हो सकी है। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में कौशाम्बी के 27 गांवों को लोहिया समग्र गांव के रूप में चयनित किया गया था। इन चयनित गांवों को स्कूल, पेयजल, जलनिकासी, सड़क, बिजली आदि सुविधाओं से आच्छादित किया जाना था, लेकिन संबंधित विभाग के अफसरों की मनमानी के कारण लोहिया गांवों में ही विकास कार्य अधूरे हैं।
सबसे ज्यादा लापरवाही तो बिजली विभाग की है। चयनित लोहिया गांवों में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत खंभे, तार खींचकर घर-घर बिजली पहुंचाई जानी थी। पर कार्यदाई संस्था के अफसरों की मनमानी का आलम यह है कि वित्तीयवर्ष खात्मे की ओर है। अब तक लोहिया गांव में विद्युतीकरण का काम शुरू तक नहीं किया जा सका है। हफ्तेभर पहले मुख्यमंत्री के दूत बनकर कौशाम्बी आए प्रमुख सचिव ने विकास कार्यों की समीक्षा की। बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही सामने आई। इतना ही नहीं खुलासा हुआ कि वित्तीयवर्ष 2014-15 में चयनित 9 लोहिया समग्र गांवों में भी अब तक विद्युतीकरण का काम पूरा नहीं हो सका है। प्रमुख सचिव ने अफसरों की क्लास लेते हुए जनपद के सभी लोहिया गांवों में विद्युतीकरण का काम पूरा कराने के लिए 6 महीने का समय दिया है। चेताया कि काम पूरा नहीं किए जाने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।