मंझनपुर (ब्यूरो)। मदरसा प्रशासन और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के बीच सामंजस्य की कमी के कारण बृहस्पतिवार को पहली पाली में अलीपुर जीता मदरसे के 50 से अधिक बच्चे मुंशी, मौलवी का इम्तहान नहीं दे सके। इम्तहान छूटने से खफा परीक्षार्थियों ने मंझनपुर आकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन भी किया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का भी घेराव किया। बाद में परीक्षा कराने का भरोसा मिलने पर ही छात्र-छात्राएं शांत हुए। मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और स्कूल प्रबंधक एक दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं।
सिराथू तहसील के अलीपुर जीता गांव में इस्लाहुल मुस्लमीन एहलेसुन्नत हाशमी गर्ल्स स्कूल है। मदरसा बोर्ड से संचालित इस स्कूल में बृहस्पतिवार से इम्तहान शुरू हुआ। पहली पाली में सुबह मुंशी, मोलवी की परीक्षा थी। पर, पर्चा, कापी उपलब्ध नहीं होने से बच्चे परीक्षा नहीं दे सके। परीक्षा देने से वंचित रहे अलमगीर, फैजुल रहमान, आजम, आफताब, मोहम्मद अनस, मसूद अहमद, मोहम्मद शाहिद, अयूब खान, शमा जहां, सहाना परवीन, साफिया बानो, जन्नत, अल्फास, शबीहा नाज, कनीज फात्मा, गौसिया सिद्दीकी, चांदनी बानो, अजमा बेगमा आदि छात्र-छात्राओं ने मंझनपुर आकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का भी घेराव किया।
विभागीय अफसर ने छूटी हुई परीक्षा दुबारा करवाने का भरोसा दिलाकर बच्चों को शांत कराया। मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि स्कूल प्रबंधक को परीक्षा शुरू होने से घंटेभर पहले पर्चा-कापी ले जाने और परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को जमा करने को कहा गया था। पर, वे एक साथ ही सभी परीक्षा की कापियां और पर्चा मांग रहे थे। एक-एक दिन का पर्चा कापी ले ही नहीं गए। इसी से बच्चों की परीक्षा छूटी है। बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी रजिस्टार को दे दी है। उन्होने बाद में बच्चों को छूटी हुई परीक्षा करवाने को कह दिया है। वहीं स्कूल प्रबंधक मोहम्मद यासीन हाशमी का कहना है कि विभागीय अफसर की मनमानी से यह सब हुआ है। स्कूल में परीक्षा-कापी उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है। वे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सके हैं।