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चायल के पूर्व प्रमुख पर कातिलाना हमला

Mon, 04 Jan 2016 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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कौशाम्बी में चायल के पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष कुमार के ऊ्पर सोमवार सुबह कातिलाना हमला किया गया। गोली मारकर पूर्व प्रमुख की हत्या का प्रयास किया गया। हालांकि निशाना चूकने से वह बच गए। पूर्व प्रमुख ने जवाबी फायरिंग की। चर्चा है कि एक हमलावर गोली लगने से जख्मी भी हुआ है। पूर्व प्रमुख पर हुए कातिलाना हमले से इलाके में सनसनी मच गई। सूचना पर एसपी समेत तमाम पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। डाग स्कवायड टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट बुलाकर भी घटना की जांच की गई। पुलिस को मौके से एक तमंचा मिला है। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके उनकी तलाश शुरू कर दी है। एसपी ने बताया कि हमला पुरानी रंजिश में हुआ है। 
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चरवा थाना क्षेत्र के दनियालपुर गांव निवासी संतोष कुमार पुत्र विश्वनाथ वर्ष 2006-07 में चायल के ब्लाक प्रमुख रहे हैं। सोमवार की सुबह करीब 7 बजे वह घर के सामने अलाव ताप रहे थे। तभी बाइक से दो युवक आए। इनमें से एक युवक ने नजदीक पहुंचते ही तमंचे से उनके ऊपर गोली चला दी। चलती बाइक से फायरिंग होने के कारण निशाना चूक गया और पूर्व प्रमुख बाल-बाल बच गए। पूर्व प्रमुख ने पास रही अपनी लाइसेंसी बदूंक उठाई और हमला करके भाग रहे हमलावरों पर फायर किया। बताया जाता है कि हमलावरों में से एक युवक गोली लगने से जख्मी हो गया। हालांकि गोली धंसने के बाद भी दोनों हमलावर भागने में सफल रहे।

 फायरिंग से सनसनी फैल गई। पूर्व प्रमुख के घर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर एसपी, सीओ चायल पहुंचे। एसपी ने डाग स्कवायड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम बुलाकर घटना की जांच कराई। पुलिस को छानबीन के दौरान रास्ते में फेंका एक तमंचा भी मिला है। माना जा रहा है कि भागते समय यह तमंचा हमलावरों से गिर गया था। एसपी डॉ के एजिलरसन ने बताया कि पूर्व प्रमुख पर हमला पुरानी रंजिश में हुआ है। अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस घटना की वजह और हमलावरों की तलाश में जुटी है।
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 चरवा थाना क्षेत्र के दनियालपुर गांव में पूर्व प्रमुख संतोष की बंदूक से घायल हमलावर का खून घटनास्थल से दो किलोमीटर तक टपका हुआ पुलिस को मिला है। इसी निशान को देखते हुए करीब घंटेभर तक पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी रही, लेकिन इसके आगे पुलिस को हमलावरों के भागने की दिशा नहीं मालूम हो सकी।

चरवा थाने के दनियालपुर गांव के रहने वाले पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष कुमार के भाई राजेश कुमार और भाई के दोस्त भइयन की डेढ़ साल पहले 07 मार्च 2014 को चिल्लाशहबाजी गांव के समीप दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें गांव के तत्कालीन प्रधान समेत पांच लोग नामजद किए गए थे। इस दोहरे हत्याकांड के दो अभियुक्त अभी जेल में हैं। पूर्व प्रमुख के भाई राजेश से पहले उनके एक पट्टीदार वासुदेव की भी हत्या हो चुकी है। वासुदेव हत्याकांड में पूर्व प्रमुख का भी नाम सामने आया था। वहीं डेढ़ साल पहले जब पूर्व प्रमुख के भाई की हत्या हुई, तो उसमें तत्कालीन प्रधान के अलावा वासुदेव के बेटे को नामजद किया गया था। ऐसे में लोगों का साफ मानना है कि जमीन को लेकर बरसों से चले आ रहे खूनी संघर्ष में ही यह हमला भी हुआ है।
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