आखिरकार पुलिस प्रशासन को शिक्षकों के आगे झुकना पड़ा। शिक्षकों की हड़ताल के पांचवे दिन एसओजी टीम को लाइन हाजिर करने की मांग पूरी कर दी गई। एएसपी के खिलाफ शासन को लिखापढ़ी करने का आश्वासन मिला। सोमवार को सिराथू विधायक, बीएसए और प्राथमिक, उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के नेताओं से वार्ता में एसपी ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद शिक्षक संघ ने बुधवार से स्कूलों के ताले खोलकर अध्यापन कार्य शुरू करने को अपनी रजामंदी जताई। चेताया कि 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर दोबारा आंदोलन शुरू होगा।
ट्रांसफर, पोस्टिंग के नाम पर वसूली के आरोप में 26 दिसंबर को एसओजी टीम ने बीएसए कार्यालय के समीप से दो अध्यापकों को दबोचा था। उनके पास से पुलिस ने ट्रांसफर के नाम पर वसूला गया 65 हजार रुपये बरामदगी का दावा किया था। इस मामले में पुलिस पर झूठा आरोप लगाकर फर्जी कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए जिलेभर के प्राइमरी स्कूल के अध्यापकों का गुस्सा फूट पड़ा। 4 दिनों तक अफसरों का घेराव करते हुए हुंकार भरने वाले शिक्षकों ने बृहस्पतिवार से जनपद के सभी 1456 स्कूलों में तालाबंदी करके हड़ताल शुरू कर दी थी।
4 दिनों तक स्कूलों में तालाबंदी और शिक्षकों की हड़ताल से हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को सिराथू विधायक वाचस्पति मंझनपुर आए। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षक संघ के नेताओं के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय जाकर वार्ता की। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने एसओजी टीम को लाइन हाजिर करने, एएसपी के खिलाफ चेतावनीपत्र लिखकर शासन को कार्रवाई के लिए भेजने का आश्वासन शिक्षक संघ के नेताओं को दिया। एसपी के इस आश्वासन पर अध्यापकों ने मंगलवार को कार्रवाई देख लेने के बाद बुधवार से तालाबंदी समाप्त करते हुए 15 दिनों के लिए हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की। चेताया कि यदि 15 दिन में एएसपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो वे दुबारा आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुलायम सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय पांडेय, ध्यान सिंह, बेसाल अहमद आदि मौजूद रहे।
ट्रांसफर, पोस्टिंग के नाम पर वसूली के आरोप में 26 दिसंबर को जिन दो शिक्षकों को एसओजी टीम ने दबोचा था। पुलिस का दावा है कि इन अध्यापकों के वाहन की तलाश में उन्हें 65 हजार रुपये भी बरामद हुआ था। घटना के दिन पुलिस ने यह भी दावा किया था कि यह रकम इन अध्यापकों ने सरसवां ब्लाक के दो शिक्षकों से मनपसंद स्कूल में स्थानांतरण कराने के लिए वसूली थी। इधर, सोमवार को तालाबंदी और अध्यापकों की हड़ताल समाप्ति को लेकर हो रही वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ने दोनों शिक्षकों से पैसों की बावत पूछताछ की, तो अध्यापकों ने खुलासा किया कि उनके पास से इतनी बड़ी रकम मिली ही नहीं थी। यदि रकम बरामद हुई थी, तो कहां है? उसे वापस किया जाए। जबकि बरामद करने वाले पुलिस अफसरों का दावा है कि पूछताछ करने के बाद उन्हें बरामद रकम वापस कर दी गई थी।