सरोज की किन बातों अथवा हरकत ने राजेंद्र को हैवान बना दिया? जिससे उसने इस बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। जिसकी बावत सोचने से ही लोगों की रूह कांप जाती है। ऐसे में साफ है कि वह पत्नी की ऐसी किसी आदत से आजिज आ चुका था। जिसके कारण गुस्से में अंधे होकर उसने अपने हाथ बीवी के खून से ही लाल कर डाले। इस घटना को लेकर मायके से लेकर ससुराल तक जितने मुंह उतनी बातें हो रही है। हालांकि परिजनों से लेकर गांववाले इस बात खुलकर कुछ भी बोलने-बताने से बच रहे हैं। हालांकि दबी जुबान अवैध संबंध में कत्ल की चर्चा लोगों में हैं।
महेवाघाट थाना क्षेत्र के उमरावां गांव की रहने वाली सरोज देवी की हत्या उसके ही पति राजेंद्र ने की है। इसे पूरा गांव चीख-चीखकर बता रहा है। पुलिस की मानें तो राजेंद्र ने भी अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पर, वह पूछताछ के दौरान वह इसकी कोई स्पष्ट वजह नहीं नहीं बता पा रहा है। थानेदार और सिपाहियों ी तमाम कोशिशों के बाद भी अब तक वह सिर्फ इतना ही बोल सका है कि सरोज बार-बार अपने मायके चली जाती है। बगैर बताए बार-बार मायके जाने से रोकने पर वह उससे लड़ने लगती थी। इसी से तंग आकर उसने उसे मार डाला। इसके बाद वह चुप्पी साध लेता है।
कुरेदने के बाद भी वह मन की गांठे और दिल का गुबार किसी के सामने खोलने को राजी नहीं है। उसकी खामोशी को लेकर लोगों में तमाम चर्चाएं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राजेंद्र की चुप्पी हत्या की वजह बयां करने के लिए काफी है। थानेदार राम आसरे भी मानते हैं कि अब तक की जांच में यही सामने आया है कि राजेंद्र को अपनी पत्नी के चाल चलन शक था। अक्सर वह बगैर बताए मायके चली जाती थी। इससे उसका शक पुख्ता होने लगा। शायद यही कारण है कि बुधवार को जब मायके जाने की बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ, तो राजेंद्र अपने गुस्से पर काबू नहीं रख सका। जिसके कारण उसके हाथ से इतनी बड़ी वारदात हो गई।