मूसलाधार बारिश से तालाब बने खेत में डूबकर बर्बाद हुई गेहूं की फसल देखकर नेवादा ब्लाक के सल्लहा मुस्तफाबाद गांव के किसान झल्लर पासी (70) का हार्ट फेल हो गया। बुधवार की सुबह खेत में गिरकर उसकी मौत हो गई। मौसम की मार से बर्बाद हुई फसल के गम में कौशाम्बी के अब तक नौ अन्नदाताओं की जान निकल चुकी है।
बेमौसम की बारिश से बर्बाद हुई फसलों के सदमे में किसानों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। 10 दिनों से किसी न किसी गांव के किसान की सांसें टूट रही हैं। बुधवार की सुबह भी चायल तहसील के नेवादा ब्लाक क्षेत्र के गांव सल्लहा मुस्तफाबाद गांव के किसान झल्लर की मौत हो गई। उसके बड़े बेटे घसीटे ने बताया कि उनके पास कुल 10 बिस्वा खेत है। एक बीघा खेत बंटाई पर लिया था। सभी खेतों में गेहूं की बुआई की गई थी। मार्च महीने में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में गिरकर फसल वैसे ही बर्बाद हो चुकी थी। बची-खुची फसल काटकर मड़ाई के लिए खेत में ही रखी थी। सोमवार और मंगलवार की रात हुई जोरदार बारिश से खेत में पानी भर गया है।
तालाब बने खेत में काटी गई फसल तैर रही है। बुधवार की सुबह उनके पिता फसल देखने खेत में गए थे। फसलों की बर्बादी देख वह इसका सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। वहीं खेत में ही गिरकर उनकी मौत हो गई। इससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। रोते-बिलखते घरवालों के साथ ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। एसडीएम रजनीश मिश्र ने बताया कि राजस्व निरीक्षक को गांव भेजा गया है। जांच कराई जा रही है। बता दें कि मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों के सदमे में जिले में लगातार किसानों की मौत हो रही है। सदमे में अब तक जिले के नौ किसानों की जान जा चुकी है।