केंद्रीय कर्मचारियों की भांति सुविधाएं और भत्ते आदि समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों ने मंगलवार को दिनभर सांकेतिक हड़ताल रखी। इस दौरान डायट मैदान में बैठक करके कर्मचारियों ने हुंकार भरी। कर्मचारी बुधवार को कार्य बहिष्कार भी करेंगे। जिलाध्यक्ष ने कहाकि मांगें पूरी होने तक इसी से तरह से आंदोलन जारी रहेगा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने केंद्रीय कर्मचारियों की भांति राज्य कर्मचारियों को सभी सुविधाएं मिलने को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। परिषद के ही आह्वान पर मंगलवार को कौशाम्बी के भी राज्य कर्मचारियों ने दिनभर सांकेतिक हड़ताल रखी। डायट मैदान में राज्य कर्मचारी संघ की बैठक में जिलाध्यक्ष मोतीलाल सिंह ने बताया कि उनकी सबसे अहम मांग केंद्रीय कर्मचारियों की भांति सुविधाएं और भत्ता दिए जाने की है।
इसके अलावा पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, नगदीकरण व्यवस्था लागू करने, सेवाकाल के दौरान तीन प्रोन्नत वेतनमान दिए जाने, उच्चपदों पर पदोन्नति के लिए परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने, ठेकेदारी, निजीकरण की नीति बंद किए जाने, रिक्तपदों पर नियुक्तियां, दैनिक वेतनभोगियों को नियमित किए जाने जैसी मांगें शामिल हैं। जिलाध्यक्ष ने कहाकि आंदोलन के क्रम में बुधवार को राज्य कर्मचारी पूर्णत: हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान किसी भी तरह का कोई राजकीय कामकाज नहीं किया जाएगा। कहाकि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो आगे इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर रमेश कुमार सिंह, संग्राम सिंह आदि कर्मचारी मौजूद रहे।